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26 Jul 2019

ईस्ट दिल्ली के जगतपुरी में क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुका पाने पर चौथी मंजिल से लगाई छलांग

पूर्वी दिल्ली। क्रेडिट कार्ड्स के लंबे-चौड़े बिल्स को न चुका पाने से परेशान एक पूरे परिवार ने कथित रूप से छत से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। ईस्ट दिल्ली के जगतपुरी इलाके में हुई इस घटना ने सबको चौंका दिया है। इसमें पति सुरेश (33) की मौत हो गई वहीं पत्नी मंजीत और बेटी तान्या जख्मी हालत में हॉस्पिटल में भर्ती हैं। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है। अभी किसी को समझ नहीं आ रहा कि इसे मर्डर समझा जाए या फिर सूइसाइड की कोशिश। सोमवार तड़के 3 बजे की बात है। अचानक से गली में 'धम्म' से आवाज आई। पड़ोसी घरों से बाहर निकलकर आ गए। गली में नजारा देखा तो उनकी आंखें फटी रह गईं। दंपती और उनकी चार साल की बेटी सड़क पर जख्मी पड़े थे और वहां खून ही खून था। तीनों को जल्द से जल्द भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टर्स ने परिवार के मुखिया के मृत घोषित कर दिया। महिला के सिर में चोट लगी तो बेटी के दोनों पैर टूट गए। सामूहिक आत्महत्या के फैसले से पड़ोसी हैरान हैं, क्योंकि उनका दावा है कि पति-पत्नी में काफी प्यार था। घटना के बाद हॉस्पिटल ले जाते वक्त मंजीत ने खुद पुलिस के सामने यह बात कही कि उनपर अलग-अलग क्रेडिट कार्ड्स का बहुत सारा बिल था, जिसे वे चुका नहीं पा रहे थे इसलिए यह कदम उठाया। मंजीत के बड़े भाई गुरदीप ने बताया कि सुरेश ने 9 अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड लिए हुए थे और सबसे उनकी लिमिट जितना पैसा निकाल रखा था। इस वजह से बैंक उसपर जल्द से जल्द पैसे देने का दबाव बना रहे थे। इसलिए परेशान होकर परिवार ने सूइसाइड का फैसला किया गया।
मंजीत कौर (31) और उसकी बेटी को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि मंजीत की पसलियां टूट गई हैं, जिन्हें बदलने के लिए सर्जरी करनी होगी। वहीं बेटी तान्या के घुटनों में भी चोट है। उन्हें जोड़ने के लिए दो स्टील की रॉड्स डाली गई हैं। डॉक्टर के मुताबिक, बेटी जल्द ठीक हो जाएगी लेकिन मंजीत की हालत गंभीर है। सामूहिक खुदकुशी की इस कोशिश में सुरेश की मौत हो गई, वहीं पत्नी और बेटी बच गईं। पिता की गोद में होने की वजह से बच्ची सीधे जमीन पर नहीं गिरी और छिटककर बराबर स्कूटी पर गिर गई। यह स्कूटी भी सुरेश ने क्रेडिट कार्ड से ही ली थी। उसके पैरों में फ्रैक्चर हुआ है। वहीं, बिजली के तारों में उलझने से मंजीत कौर की जान भी बच गई। जिस घर में सुरेश अपने परिवार के साथ रहते थे वह उनके ससुर का था। पड़ोसी कहते हैं कि ससुर के घर में दामाद रह रहा था। यह समाज में अच्छा नहीं माना जाता। काफी वक्त से सुरेश से उसके ससुर कहीं और शिफ्ट करने को कह भी रहे थे। हो सकता है कि इससे भी वह परेशान रहता हो। यह भी पता चला है कि लोन का ज्यादातर पैसा पत्नी और बेटी के इलाज पर ही खर्च हो रहा था। फिलहाल पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया, क्योंकि वह बच्ची को गोद में लेकर कूदे थे।

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