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16 Jul 2019

कांवड़ मार्ग पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला

गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो गया है लेकिन व्यवस्थाओं को सुदृढ़ नहीं किया गया है। पूरे कांवड़ मार्ग पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यह हालत तो तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ मेले को व्यवस्थित तरीके से कराने के निर्देश दे रखे हैं। कांवड़ मेले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कभी भी दौरा कर सकते हैं, बावजूद प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। कांवड़ मार्गों पर पथ प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त रखने का अधिकारियों का दावा गलत साबित हो रहा है। मुरादनगर गंगनहर मार्ग से निवाड़ी गंगनहर क्षेत्र के कुछ हिस्से में लाइट तो लग गई लेकिन अभी तक उन्हें जलाया नहीं गया है। मार्गों पर गड्ढों तक का भराव नहीं हो पाया है, हाईवे पर शौचालय साफ नहीं हैं और तो और अस्थाई शौचालय की व्यवस्था कांवड़ मार्ग पर नहीं की गयी है। पथ प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण शिव भक्तों को अंधेरे में ही गुजरना पड़ रहा है। नवागुंतक जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे के लिए कांवड़ मेले की अव्यवस्था चुनौती बना हुआ है।
बता दें कि इस वर्ष मेरठ मंडल व जिले के आलाअधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर व्यवस्था को पहले दुरुस्त रखने पर बल दिया है, मुख्यमंत्री इसी मार्ग से गुजरने वाले शिवभक्तों पर हेलीकाप्टर से फू ल बरसाएंगे। मुख्यमंत्री का खौफ भले ही आलाधिकारियों के सिर पर चढ़कर बोल रहा हो, लेकिन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक इस मार्ग पर एलईडी लाइट की व्यवस्था पूरी तरह से नहीं हो पायी है, ताकि रात में शिवभक्त आसानी से सफर तय कर सकें। लाइट लगाने का काम पिछले पांच दिनों से चल रहा है, लेकिन कांवड़ मार्ग पर अभी तक एक भी लाइट जली नहीं है। आलम यह है कि हरिद्वार से जल लेकर आ रहे शिव भक्तों को रात में अंधेरे में ही सफर तय करना पड़ रहा है। इस मार्ग से बुधवार को राजस्थान, हरियाणा व अन्य प्रांतों के शिवभक्तों क ा आवागमन शुरू हो जायेगा। मुरादनगर गंग नहर पुल से सौंदा व निवाड़ी पुल तक की बात करें तो अभी केवल आधा दर्जन स्थानों तक ही लाइटें लगी हैं। सिचार्इं विभाग की ओर से कांवड़ मेले से पूर्व गंगनहर पुलों के चारों ओर बल्लियों से घेराबंदी किये जाने का दावा भी सही साबित नहीं हुआ है, न ही सिंचाई विभाग की ओर से दुघर्टना को रोकने के लिये दीवार लगाई गयी है। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने तथा कांवड़ शिविर संचालकों के अलावा धार्मिक संगठनों ने प्रशासन से हाईवे व गंगनहर पटरी मार्ग पर जल्द अपनी व्यवस्था पूरी किए जाने की मांग की है। हालांकि जिलाधिकारी डा. अजय शंकर पांडे ने सोमवार को चार्ज लेते ही कांवड़ मेले को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने की बात कही थी। स्वच्छता के प्रति उन्होंने अपना गंभीर रुख भी अख्तियार किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्राथमिकता वाले एजेंडे में है, इसलिये वे शीघ्र ही विभिन्न विभागों की बैठक बुलाकर समीक्षा करेंगे।
आखिर कैसे भरेंगे कांवड़ मार्ग के गड्ढे, निगम ने किया टेंडर निरस्त
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गड्ढों के लिए निकाली टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। ऐसे में कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गड्ढे कैसे भरेंगे इसका भगवान मालिक है। फिलहाल निगम के मुख्य अभियंता ने महौपार के ऐतराज के बाद टेंडर निरस्त कर दिया है। इससे महानगर के अंदरुनी सड़कों पर मिलने वाले गड्ढों को भरने में ब्रेक लग गया है। हर साल नगर निगम जून महीने में सड़कों में पड़ने वाले गड्ढ़ों को भरने के लिए टेंडर निकालता है। इसमें सभी सड़कों की रिपेयरिंग की जाती है। इस साल भी गड्ढों को भरने के लिए मुख्य अभियंता मोईनुद्दीन के यहां से इस संबंध में टेंडर निकाला गया। तीन करोड़ के टेंडर में कई सड़कों के साथ कांवड़ यात्रा मार्ग पर भी पड़ने वाले गड्ढों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस बीच भाजपा पार्षद निगम कार्यकारिणी के सदस्य राजीव शर्मा ने सड़कों को बारिश में ठीक कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। इस मामले में विरोध जताते हुए राजीव शर्मा ने महापौर से बातचीत में इसका विरोध करने को कहा। राजीव शर्मा से बातचीत के बाद महापौर आशा शर्मा ने मुख्य अभियंता को इस टेंडर प्रक्रिया को रोकने को कहा। मुख्य अभियंता ने भी प्रोटोकाल का पालन करते हुए फौरन टेंडर प्रक्रिया को रोकने का आदेश दे दिया। इस प्रकरण में सबसे अधिक फजीहत कांवड़ मार्ग जैसे मेरठ रोड से आर्यनगर चौक को जोड़ने वाली सड़क,आर्यनगर से पुराना बस अड्डा चौक, पटले मार्ग, जस्सीपुरा मार्ग की होने वाली है। इसकी वजह यह है कि कांवड़ मेले की शुरूआत बुधवार से हो जाएगी। 30 जुलाई को शिवरात्रि का जल दुधेश्वर नाथ मंदिर में चढ़ाया जाएगा। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया निरस्त होनाइस कार्य में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
कागजों में ठीक हो गए हैं हैंडपंप
हाईवे-58 मार्ग पर मोदीनगर बस स्टैंड, तेल मिल, गोविंदपुरी, मुरादनगर के तमाम हिस्सों में सैकड़ों सरकारी हैडपंप हैं, हर वर्ष उक्त हैंडपंपों की मरम्मत होती है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस वर्ष जल निगम व पालिकाओं ने सभी नल ठीक होने की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है, जबकि हाईवे -58 पर दर्जनों व कांवड़ पटरी मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक नल खराब पड़े हैं। जल निगम ने उक्त नलों को केवल कागजों में ठीक दिखाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

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