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26 Jul 2019

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी में यूथ प्रेजिडेंट बना यमुनापार का गैंगस्टर नासिर, पुलिस हैरान

नई दिल्ली। यमुनापार के गैंगस्टर अब्दुल नासिर पर 9 जुलाई को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ऐक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इसकी खबर गैंग के पास 6 जुलाई को ही पहुंच गई थी, लिहाजा करीब दो दर्जन बदमाश अंडरग्राउंड हो गए। नासिर ने 18 जुलाई को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) जॉइन कर ली। क्राइम ब्रांच गैंगस्टर की इस गुगली से हैरान थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नासिर की राजनीति में एंट्री कराने वाले उसके खासमखास इमरान सैफी का मंगलवार रात मर्डर होने से आपसी रंजिश बढ़ने की आशंका है। ऐसे में नासिर गैंग पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस के आला अफसरों ने मकोका के तहत उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें तेज कर दी हैं। नासिर की गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान के साथ 2011 में जंग शुरू हुई।
सीलमपुर पुलिस ने छेनू पर 2015 में ही मकोका लगा दिया गया था। वह अभी तिहाड़ जेल में है। इस दौरान नासिर ने साउथ दिल्ली के गैंगस्टर शक्ति नायडू से हाथ मिलाया तो छेनू ने खुद को दिल्ली का डॉन बताने वाले गैंगस्टर नीरज बवानिया से करीबी बना ली। दोनों गैंग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। कड़कडड़ूमा कोर्ट में दिसंबर 2015 में छेनू पर अदालत के भीतर गोलियां चलीं, जिसे नायडू गैंग के नाबालिगों ने अंजाम दिया था। इसमें दिल्ली पुलिस का एक हेड कॉन्स्टेबल शहीद हो गया था। छेनू इस हमले में बच गया। इस गैंगवॉर में अब तक तीन दर्जन से ज्यादा मर्डर हो चुके हैं।
नासिर इसी साल जमानत पर बाहर आया है और अपने लिए राजनीतिक जमीन तलाशने लगा। दूसरी तरफ, पुलिस उस पर शिकंजा कसने के लिए मकोका की तैयारी करने लगी और 9 जुलाई को मुकदमा दर्ज दिया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि इसकी भनक नासिर को पहले ही लग गई थी, इसलिए वह 6 जुलाई को ही अंडरग्राउंड हो गया। वह राजनीतिक शरण तलाशने लगा। इस काम में उसकी मदद वेलकम में मंगलवार-बुधवार रात फायरिंग में मारे गए इरफान सैफी ने की। सूत्र बताते हैं कि आरपीआई से जुड़े शकील सैफी नाम के शख्स से इमरान की करीबी थी, जिसके जरिए ही नासिर को 18 जुलाई को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की मौजूदगी में आरपीआई दिल्ली प्रदेश की युवा इकाई का चीफ बना दिया गया। दिलचस्प ये है कि आरपीआई में उसने नासिर ठाकुर नाम से एंट्री की। गैंगस्टर को गिरफ्तार करने घूम रही क्राइम ब्रांच इस पॉलिटिकल ट्विस्ट से बैकफुट पर आ गई। इसलिए 18 जुलाई को ही उसे दबोचने की अपनी रणनीति को विराम दे दिया। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, नासिर के पास करीब 50 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है और उसके गैंग 25 से ज्यादा मेंबर काम कर रहे हैं। गैंग के सभी मेंबरों की गिरफ्तारी की जाएगी और जरूरत पड़ी तो प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी।

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