Latest News

10 Jul 2019

हॉरर किलिंग: ससुरालवालों को मनाने गया था दलित, काउंसलिंग खत्म होते ही कर दी गई हत्या

अहमदाबाद। गुजरात में एक दलित को क्षत्रिय जाति की युवती से प्रेम करने पर मौत के घाट उतार दिया गया। महिला के परिवार वालों ने न सिर्फ शख्स, बल्कि पुलिसकर्मियों पर भी हमला बोल दिया। भागकर शादी करने पर महिला के परिजनों ने उस शख्स को लाठियों से पीटा और उसका गला काटकर सिर फोड़ दिया। घटना के दौरान पीड़ित शख्स के साथ महिला के परिजनों की काउंसलिंग के लिए आए 181 अभयम की टीम और महिला पुलिसकर्मी भागकर जान बचाई। पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पीड़ित शख्स हरेश सोलंकी (23) को उसकी पत्नी के परिवार वालों ने बातचीत के लिए बुलाया। इस पर हरेश ने राज्य सरकार की हेल्पलाइन अभयम की मदद मांगी। अहमदाबाद से लगभग 100 किमी दूर मंडल तालुक के वरमोर गांव में ऑनर किलिंग का मामला दर्ज हुआ है। एक उच्च पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरेश एक प्राइवेट फर्म में ड्राइवर की नौकरी करते थे और कच्छ के गांधीधाम के रहने वाले थे। उनकी पत्नी उर्मिला (22) गायब हो गई थीं। पुलिस के अनुसार, हरेश और उर्मिला ने 8 महीने पहले भागकर शादी की थी। हरेश की मां सुशीला ने बताया कि उर्मिला गर्भवती है। शादी के बाद उर्मिला हरेश के साथ उसके पैतृक घर में एक महीने तक रही। उसके बाद उनके पिता दशरथसिंह झाला ने पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए उर्मिला को घर बुला लिया। डेप्युटी एसपी पीडी मंवार ने बताया, 'घर आने के बाद दशरथ ने उर्मिला का फोन छीन कर उसे कैद कर लिया। उसे अपने पति से बात करने की इजाजत तक नहीं दी गई।' डेप्युटी एसपी ने बताया कि हरेश ने अपनी पत्नी से बात करने की बहुत कोशिश की लेकिन सारी मेहनत बेकार की। जब हरेश को पता चला कि उर्मिला गर्भवती है तो उनकी टेंशन और बढ़ गई। पीडी मंवार ने बताया कि हरेश को डर था कि उनके ससुराल वाले उर्मिला पर बच्चा गिराने के लिए दबाव बनाएंगे या फिर दलित से शादी करने की वजह से उसे मार भी सकते हैं। 
सलिए हरेश ने अभयम से मदद मांगी। अभयम काउंसलर भाविका भगोरा द्वारा फाइल की गई एफआईआर के अनुसार, हरेश ने सोमवार को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद अभयम की एक टीम जिसमें महिला कॉन्स्टेबल, एक ड्राइवर और खुद भाविका शाम पौने छह बजे के करीब मंडल बस स्टॉप पहुंचे। वहां हरेश अपनी मां और रिश्तेदार के साथ इंतजार कर रहे थे। इस दौरान हरेश ने भाविका को बताया कि उनके ससुरालवालों ने मिलने के लिए बुलाया है। हरेश दशरथ घर के बाहर इंतजार कर रहे थे जबकि अभयम टीम उर्मिला के परिजनों की काउंसलिंग कर रही थी। 20 मिनट बाद दशरथ ने भाविका से कहा कि इंटर-कास्ट मैरेज की वजह से जो गुस्सा मन में है उससे बाहर आने के लिए एक महीने का वक्त चाहिए। इसके बाद मीटिंग खत्म हो गई। लेकिन जैसे ही अभयम की टीम दशरथ के घर के बाहर पार्क गाड़ी तक आए तो उन्होंने दशरथ के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। एफआईआर में कहा गया, 'दशरथ ने हरेश को गाली दी और कहा कि उसकी एक दलित की हिम्मत कैसे हुई उनकी बेटी से शादी करने की। दशरथ ने अपने आदमियों से हरेश को जान से मारने के लिए कहा। दशरथ के इतना कहते ही उसके 8 आदमियों ने हरेश को लाठी, तलवार और दूसरे हथियारों से मारना शुरू कर दिया।' भाविका और उनकी टीम वहां से जान बचाकर भागी। भाविका ने एफआईआर में कहा, 'मैंने कुछ लोगों को हरेश को गाड़ी से बाहर खींचते हुए देखा। कुछ लोग उन्हें लाठी से मार रहे थे और उतनी ही देर में उर्मिला के भाई इंद्रजीतसिंह ने हरेश का गला काट दिया जबकि दशरथ ने हरेश के सिर और पेट पर चाकू से वार किया। भाविका ने पुलिस को कॉल किया और 15 मिनट के अंदर पुलिस की टीम वहां पहुंच गई। हालांकि पुलिस ने केवल हरीशचंद्र सिंह झाला को अभी तक पकड़ा है। डीएसपी प्रवीण कुमार मीना ने बताया, 'काउंसलिंग के बाद महिला के परिजनों ने हरेश पर हमला किया। पुलिस अधिकारियों पर भी हमला किया गया। हत्या, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और एससी-एसटी ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।'

No comments:

Post a Comment