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25 Jul 2019

कांवड़ मेला: आज से दिल्ली-मेरठ मार्ग को किया गया वन-वे

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने प्रेशर प्वाइंट और स्ट्राइकिंग फोर्स व्यवस्था बनाकर लागू कर दी है। हाईवे पर पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है और भारी वाहनों पर लगी रोक के बाद गुरुवार को हाईवे-58 पर एक तरफ से ही वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गयी है। दूसरी ओर मोदीनगर बस अड्डा शिफ्ट होने के कारण रूट डायवर्जन और बाकी व्यवस्था के कारण हाईवे-58 पर  वाहनों का लोड आ गया है, ऐसे में आधा शहर जाम की चपेट में आ गया।
पुलिस प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के दावे फुस्स साबित होते दिखाई दे रहे हैं। मोदीनगर राजचौपला से लेकर मोदी मंदिर व गोविंदपुरी तक हाईवे पर लंबी कतारे लग गयी। जाम के झाम से लोग बिलबिला उठे। पुलिस की डयूटी हाईवे-58 के कटों व शिविरों में लगी है, शिवभक्तों का आवागमन शुरू होने के बाद प्रशासन ने दावे के विपरीत आज से ही हाईवे-58 पर एक तरफ का मार्ग बंद कर दिया। वहीं,कांवड़ पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने के कारण केवल दूपहिया वाहन ही गुजर रहे हैं। वाहनों का दबाव पड़ने पर मोदीनगर, मुरादनगर में वन-वे मार्ग पर जाम ने सभी व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। जाम खुलवाने के लिए कोई अलग से पुलिस पिकेट नहीं लगायी गयी है। उधर,जाम व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीएम सिटी शैलेंद्र कु मार सिंह का कहना है कि मेरठ रोड पर तथा गंगनहर पुल के पास कंट्रोल रूम खोल दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने 12 प्रेशर प्वाइंट को चिन्हित किया है। इन जगहों पर भारी पुलिस फोर्स के साथ संबंधित क्षेत्र के सीओ को भी निगरानी के लिए लगाया गया है।
बिजली विभाग की लापरवाही कहीं पड़ न जाए भारी
मेरठ रोड व अन्य कांवड़ मार्गों पर बारिश के मौसम के चलते लोहे के विद्युत पोल पर लगाई गई पॉलीथिन में भारी अनियमितता बरती गई हैं। करंट से बचाव के लिए लगाई गर्इं पॉलीथिन विद्युत पोल्स में आधी अधूरी लगाई हैं। खंभों पर नीचे एक फीट छोड़कर पॉलीथिन लगाई गई है। इससे बारिश होने पर खंभों में करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रोड पर बिजली के खंभों को कवर करने के लिए शासन द्वारा पहले ही आदेश जारी हो गए थे। इसमें बिजली विभाग को लोहे के खंभों पर पॉलीथिन की शीट लगानी थी। विभाग द्वारा शीट लगाने में औपचारिकता निभाई गई। आमतौर पर हाईवे के अलावा संपर्क मार्ग पर कांवड़िये झुंड में चलते हंै। रास्ते में कांवड़ शिविरों में उनके ठहरने की व्यवस्था भी होती है।
कई बार कांवड़िये अपनी कांवड़ सेवा शिविरों में बनाए गए स्टैंड पर रखते हंै। कई स्थानों पर देखने में आया है कि कांवड़ स्टैंड बिजली के खंभों के बीच बनाए गए हैं। बारिश होने व जमीन गीली होने पर ऐसे स्टैंड में करंट फैलने की संभावना सबसे अधिक होती है। नियमानुसार कांवड़ मार्गों पर बिजली के खंभों पर पॉलीथिन लगाया जाता है। इसके लिए निर्धारित मानकों के साथ विद्युत पोल्स पर पॉलीथिन लगाने के टेंडर सर्किल लेवल पर जारी किए गए हैं। गाजियाबाद सर्किल थर्ड में दुहाई से लेकर मेरठ मोड़ तक पॉलीथिन लगाने के लिए ढाई से पौने तीन लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। खंभों पर करंट से बचाव के लिए खंभों को कम से कम सात फीट कवर करना होता है। बिजली विभाग द्वारा मेरठ रोड और एएलटी रोड पर खंभों पर लगी पॉलीथिन कुछ और ही बयां कर रही है। इन मार्गों पर अधिकांश खंभों पर नीचे की एक फुट ऊंचाई छोड़कर पॉलीथिन लगाई गई है। इसके अलावा एएलटी पुल पर उतरने वाले मार्ग पर काफी खंभों को छोड़ दिया गया है। उधर, पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर आरके राणा का कहना है कि मानकों के हिसाब से बिजली के खभों पर पॉलीथिन लगाई गई हैं। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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