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10 Jul 2019

हौज काजी इलाके में मंदिर में मंगलवार को फिर से हुई मूर्तियों की स्थापना

नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के हौज काजी में पिछले पखवाड़े तनाव के दौरान जिस मंदिर को नुकसान पहुंचा था, वहां मंगलवार को मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। कड़ी सुरक्षा में भव्य शोभा यात्रा निकली, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा जहां से गुजरी, वह इलाका गेरुएधारी लोगों से रंगा दिखा। मुस्लिम बहुल इलाकों में भी लोगों ने यात्रा पर फूल बरसाए। शहनाई बजाकर स्वागत किया। सांप्रदायिक सौहार्द की यह गंगा-जमुनी तहजीब भंडारे में भी दिखी। हौज काजी इलाका मंगलवार को शोभा यात्रा के दौरान मिनी अयोध्या बन गया। भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की पहरेदारी में आयोजन शांति पूर्वक हुआ। पुलिस ने इस दौरान 4 किलोमीटर के दायरे में 300 रुफ टॉप बनाए थे। 300 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। इसके लिए पुलिस ने अलग से कंट्रोल रूम बनाया था। इलाके पर ड्रोन कैमरे से नजर रखी गई। शोभा यात्रा अजमेरी बाजार, लालकुआं, चावड़ी बाजार, खारी बावली से होकर गुजरी। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए दूर-दूर से आए लोग नारेबाजी करते दिखे। करीब 3 हजार लोगों की मौजूदगी रही। पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील किया था। सड़कें ब्लॉक थीं, दुकानें भी बंद रहीं।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
लालकुआं इलाका गेरुए रंग में रंगा दिखा। लोगों ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। दूसरे समुदाय के लोगों ने शोभा यात्रा निकाल रहे लोगों का स्वागत फूल बरसा कर किया। भंडारा भी बंटवाया। बीते दिनों दो लोगों के बीच पार्किंग विवाद के बाद माहौल सांप्रदायिक बन गया था। उपद्रवियों की भीड़ ने धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ की थी। मंगलवार को उसी धार्मिक स्थल पर प्राण प्रतिष्ठा के लिए शोभायात्रा निकाली गई। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने हौज काजी में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना के बाद उपजे तनाव के बीच इलाके का दौरा किया था।  नारों के बीच यात्रा दुर्गा मंदिरवाली गली में खत्म हो गई। मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा भी कर दी गई। शोभा यात्रा में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी, हंसराज हंस के अलावा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व कई नेताओं के अलावा हिन्दू संगठनों के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे दुर्गा मंदिरवाली गली से शुरू हुआ। शोभा यात्रा के दौरान लोगों ने नाचते-गाते हुए धार्मिक नारों के बीच यात्रा निकाली। लोग जगह-जगह पानी और शरबत पिलाते हुए दिखाई दिए।

मिसाल बन गया हौज काजी
बच्चा बच्चा राम का, मंदिर वहीं बनाएंगे, जय श्रीराम, जय श्रीराम...! के नारे लगाते जत्थे मंदिर की तरफ बढ़ रहे थे। उनके इस्तकबाल में मुसलमान पानी की छबील लगाए खड़े थे। एक अधेड़ उम्र का शख्स, जिसके गले में राम नाम का पटका पड़ा था। पानी के गिलास बांट रहे एक मुसलमान की तरफ ऐसे बढ़ा जैसे हुमक कर बच्चा गोद में आ जाता है। उस अधेड़ ने मुसलमान को पानी बांटते देखकर बड़ी ही मोहब्बत से गले लगा लिया। पास ही में एक लंबी कतार में भंडारा बांटा जा रहा था। यहां सबसे खूबसूरत तस्वीर थी, जिसे असल हिंदुस्तान कहा जाए। मोहम्मद अहमद और अब्दुल बकी भंडारा परोस रहे थे। साथ में और भी मुस्लिम थे। दूर-दूर से मंदिर आए भक्त कतार में खड़े थे। अब्दुल बकी कहते हैं, 'नेता क्या बोल रहे हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता। हम क्या हैं, इससे फर्क पड़ता है। जैसा आप हमें भंडारा बांटते देख रहे हैं वैसे ही यहां के हिंदू हैं। अमन पसंद। बाहर के लोग लौट जाएंगे। हमें ही आपस में मिलकर रहना है। हम इंसानी फर्ज निभा रहे हैं। ये ही इस इलाके का सच है, ये ही भाईचारा है।

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