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25 Jul 2019

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के वेलकम इलाके में दो बदमाशों ने फायरिंग कर शख्स को उतारा मौत के घाट

पूर्वी दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के वेलकम इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने देर रात ताबड़तोड़ फायरिंग कर कार सवार शख्स को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान इमरान सैफी (36) के तौर पर हुई है, जो कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल नासिर का करीबी बताया जा रहा है। इसलिए इस हत्या को गैंगवॉर से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल इमरान 2011 में मारे गए आतिफ सैफी का बड़ा भाई है। इसके बाद ही गैंगस्टर नासिर और इरफान उर्फ छेनू गैंग के बीच गैंगवॉर शुरू हुई थी। फिलहाल पुलिस ने मर्डर का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली है, जिसमें बाइक सवार दोनों आरोपी नजर आ रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, इमरान करीब चार साल से परिवार के साथ शाहदरा के श्रीराम नगर में रहने लगा था। पिता अब्दुल रशीद, मां कमर जहां, छोटा भाई फैजल, पत्नी आयशा के अलावा छह साल की बेटी और चार साल का एक बेटा है। वह मंगलवार रात करीब 12.00 बजे जाफराबाद इलाके से बच्चों के लिए खाना ला रहा था। जब 100 फुटा रोड से बाबरपुर स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचा तो बाइक सवार दो लड़कों ने कार को ओवरटेक कर रोक लिया। इससे पहले इमरान कुछ समझ पाता बदमाशों ने कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब एक दर्जन के करीब गोलियां चलाईं। घटना स्थल से तीन सीसीटीवी फुटेज मिले,जिसमें दिखा रहा है कि बदमाशों ने मुंह पर कपड़ा बांधने के अलावा काले शीशे वाले हेल्मेट भी लगाए हुए थे। वारदात के बाद वह दुर्गापुरी चौक की ओर भाग गए। करीब 12.35 बजे राहगीरों ने पुलिस को खबर दी। परिजनों को देर रात 2 बजे हत्या की खबर दी गई। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया गया है। इस बीच, पुलिस एक संदिग्ध से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इमरान ने हत्या के कुछ मामलों में गवाहों को तोड़ने के लिए मोटी रकम ली थी, लेकिन गवाह टूटे नहीं। इसके बाद वो बदमाशों के टारगेट पर था।
छोटे भाई के मर्डर से शुरू हुई गैंगवॉर, अब बड़े को मार दिया
जाफरबाद में 15 मई 2011 को आतिफ सैफी का मर्डर हुआ था। इस हत्याकांड से यमुनापार में गैंगवॉर का आगाज हुआ। इसके बाद गैंगस्टर अब्दुल नासिर और इरफान उर्फ छेनू पहलवान एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। आठ साल की इस ‘जानलेवा जंग’ की भेंट तीन दर्जन लोग चढ़ गए। आखिरकार नासिर और छेनू गैंग के बीच जुलाई 2018 में समझौता हुआ। मौलवियों की मौजूदगी में फैसला हुआ कि दोनों गैंग एक-दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। अदालतों में चल रहे केसों में एक-दूसरे के खिलाफ गवाही नहीं देंगे। लेकिन ठीक एक साल बाद अब नासिर के करीबी रहे आतिफ के बड़े भाई इमरान सैफी की हत्या हो गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जाफराबाद के कारोबारी हाजी मतीन की बेटी और अब्दुल रशीद के सबसे छोटे बेटे आतिफ में मोहब्बत हो गई। दोनों ने भागकर फतेहपुरी की मस्जिद में निकाह कर लिया। हाजी ने फुसलाकर बेटी को घर बुलाया। कुछ दिन बाद जब आतिफ उसे लेने गया तो हाजी ने मारपीट कर भगा दिया। आतिफ ने अदालत में हाजी और उनके परिवार पर अपनी पत्नी को जबरन कैद करने का मुकदमा कर दिया। यह बात हाजी को नागवार गुजरी। उसने घोषित बदमाश अकील मामा को आतिफ की सुपारी दे दी। अकील ने 15 मई 2011 को दिन-दहाड़े आतिफ का मर्डर कर दिया। 8 मई 2012 को हाजी का मर्डर हो गया, आरोप नासिर गैंग पर लगा। इसमें इमरान भी नामजद था, जो 2016 बरी हो गया। इसके बाद हुई गैंगवॉर में करीब तीन दर्जन हत्याएं हो गईं।

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