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10 Jul 2019

निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए प्रतिमाह 900 रुपये देगी सरकार: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए सरकार प्रति गोवंश प्रतिमाह 900 रुपये की राशि कृषकों के खाते में अन्तरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के सात जनपदों-झांसी, ललितपुर, जालौन, चित्रकूट, बांदा, महोबा तथा हमीरपुर में पाइप के माध्यम से पेयजल मुहैया कराने और सिंचाई के सम्बन्ध में योजनाओं की दिशा में शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का कार्य भी 3-4 महीनों में प्रारम्भ हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ मंगलवार रात लोक भवन में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के गठन के बाद बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए किसी उपयुक्त स्थान को चिन्ह्ति किए जाने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए बुन्देलखण्ड में दो आवासीय विद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। इनके लिए भी स्थान की तलाश की जाए। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए सरकार प्रति गोवंश प्रतिमाह 900 रुपये की राशि कृषकों के खाते में अन्तरित करेगी। इस योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बुन्देलखण्ड में गोशाला निर्माण कार्यों में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड में खनन उद्योग की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में खनन नीति के निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में पर्यटन, कृषि व कृषि विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, सौर ऊर्जा आदि की भी अच्छी सम्भावनाएं हैं। इन सभी के सन्दर्भ में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ प्रस्ताव लाए। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर उद्योग स्थापना के सन्दर्भ में भी ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ अपने सुझाव प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किए जाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक तीन माह पर ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ की बैठक आयोजित की जाए और उसकी रिपोर्ट तैयार कर पेश करने को कहा।

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