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11 Jul 2019

ग्रेटर नोएडा में बगैर पासपोर्ट व वीजा के रह रहे 60 विदेशी नागरिक पकड़े

नोएडा। पुलिस और एलआईयू ने बुधवार को सुबह 4 घंटे चले ऑपरेशन क्लीन-10 के तहत शहर में बिना वीजा व फर्जी वीजा के साथ रहे रहे 60 विदेशी नागरिकों काे पकड़ा। इनमें 32 पुरुष व 28 महिलाएं हैं। इन्हें छुड़ाने के लिए साथियों ने बीटा-2 कोतवाली पहुंच कर पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। पुलिस ने सभी को बसों में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। इन्हें उनके देश डिपोर्ट किया जाएगा। पकड़े गए लोगों के पास से दिल्ली में बिक्री के लिए मान्य 222 बाेतल बीयर, 3.5 किलोग्राम गांजा, 6 लैपटॉप, 114 मोबाइल सिम कार्ड और 5 संदिग्ध डिवाइस बरामद हुई हैं। माना जा रहा है कि इतने मोबाइल सिम और इन डिवाइस के जरिए कोई अवैध काम किया जाता होगा। इनकी जांच की जा रही है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दी गई है। पूरे ऑपरेशन में टीम ने 6 से अधिक देशों के कुल 320 विदेशी नागिरकों की जांच की थी। ऑपरेशन क्लीन-10 के बाद एसएसपी वैभव कृष्ण ने सूरजपुर स्थित पुलिस ऑफिस में प्रेसवार्ता में बताया कि एसपी सिटी विनीत जायसवाल के नेतृत्व में तीन टीमों ने बुधवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेक्टर पाई-1 स्थित एलिस्टोनिया सोसायटी, सिग्मा-3 सेक्टर, ओमीक्रॉन-1 स्थित एल्डिको सोसायटी और ओमेक्स पाम ग्रीन सोसायटी में विदेशी नागरिकों की जांच की गई। टीम ने नाइजीरिया, केन्या, तंजानिया, जाम्बिया, आईबरी कोस्ट, अंगोला आदि देशों के करीब 320 नागरिकों के दस्तावेज चैक किए गए। जिसमें 260 लोगों के पासपोर्ट वीजा आदि दस्तावेज सही पाए गए और 60 लोगों के दस्तावेज संदिग्ध व उपलब्ध नहीं थे। इन 60 विदेशी नागरिकों को हिरासत में ले लिया गया। एसएसपी ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जाएगा। संबंधित देशों के दूतावास को सूचना दे दी गई है।
कोतवाली में किया हंगामा
विदेशी नागरिकों को बीटा-2 कोतवाली में रखा गया। कोतवाली से पुलिस लाइन भेजने के लिए बस में बैठाने के दौरान कई विदेशी नागरिकों ने भागने का प्रयास किया। इन्होंने व बाहर से इनके अन्य साथियों ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की। एक सब इंस्पेक्टर के हाथ में काट लिया। मीडिया कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों के वीडियों बनाने पर आपत्ति की।
पकड़े जाने के डर से ग्रिल से लटका विदेशी
कार्रवाई में पकड़े जाने के डर से कई विदेशी मूल के युवक अपने फ्लैट के बालकानी से दूसरे फ्लैट की बालकानी में जाकर छिप गए। एक युवक पुलिस से बचने के लिए अपने फ्लैट की दीवार से नीचे लटक गया। यहां तक की कई महिलाएं भी मौके से फरार हो गई। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए विदेशी मूल के 8 लोगों को पर फर्जी वीजा मिला है। 43 के पास वीजा नहीं मिला और 9 के एक्सपायर हो चुके हैं। फर्जी वीजा से साफ है कि इंडिया में विदेशी लोगों को भेजने का गैंग सक्रिय है। जो रुपये लेकर फर्जी वीजा बना रहा है। इसकी जांच की जा रही है। ये लोग बगैर वीजा के 8 से 10 साल से एनसीआर के शहरों में रह रहे थे। उधर इससे एलआईयू व आईबी की सक्रियता पर सवाल उठ रहे है।
एफआईआर दर्ज कराने के लिए करते है झगड़ा
वीजा खत्म होने पर डिपोर्ट किए जाने के डर से ये लोग जानबूझकर झगड़ा कर जेल चले जाते हैं। बाद में जमानत पर बाहर आ जाते हैं। केस पूरा होने तक देश छोड़ने की मनाही होती है, लिहाजा ये यहां कई सालों तक रहते हैं। विदेशी मूल के नागरिकों पर कार्रवाई को शहर के लोगों ने सराहा है। उनका कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में विदेशी लोगों ने मादक पर्दाथों की तस्करी शुरू कर दी है। जिससे युवा नशे के जाल में फंसे जा रहे है। ऐसे में इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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