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25 Jul 2019

रेलवे स्टेशनों पर 1.25 करोड़ का सामान भूले पैसेंजर

नई दिल्ली। दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर 6 महीने में 1.25 करोड़ से अधिक का सामान पैसेंजर ट्रेनों में भूल गए। इन सामानों में हीरे और सोने के गहनों से लेकर मोबाइल, लैपटॉप और पर्स शामिल हैं। आरपीएफ इन सामानों को एक तय प्रक्रिया के तहत पैसेंजरों तक पहुंचा रहा है। दिल्ली आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, 2018 में 1.17 करोड़ का खोया हुआ सामान ढूंढा गया था। पिछले साल के मुकाबले इस साल इस तरह का सामान बढ़ गया है। इस साल के छह महीने में ही पैसेंजर 1.25 करोड़ रुपये का सामान ट्रेनों और स्टेशनों पर भूल चुके हैं। दिल्ली मंडल के सीनियर डिविजनल सिक्यॉरिटी कमांडेंट ए. एन. झा के अनुसार, आरपीएफ इस मामले में शानदार काम कर रहा है। 182 हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली 33 फीसदी शिकायतें और ट्विटर पर आने वाली 10 पर्सेंट शिकायतें सामान खोने और भूलने की होती हैं।
किसी भी शिकायत पर काम करने के लिए जरूरी इनपुट मिलने के बाद मामला वहां के निकटतम पोस्ट को ट्रांसफर कर दिया जाता है। अमूमन बताई गई जानकारी के आधार पर सामान ढूंढ लिया जाता है और एक तय प्रक्रिया के हिसाब से उसे पैसेंजर तक पहुंचा दिया जाता है। ए. एन. झा बताते हैं कि औसतन 95 फीसदी मामलों में सामान ढूंढ लिया जाता है। सामान नहीं मिलने पर उनमें पैसेंजर को इसकी जानकारी दे दी जाती है। 2019 में जून में हेल्पलाइन और ट्विटर के माध्यम से ऐसी करीब 4 हजार शिकायतें मिली हैं। पिछले दिनों ही हीरे और जेवरों से भरी ट्रॉली आरपीएफ को मिली। इसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये थी। इसे आरपीएफ ने पैसेंजर को लौटा दी।

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