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18 Jun 2019

दिल्ली के सिख चालक पिटाई केस में आया नया मोड़, पीड़ित को लेकर हुआ अहम खुलासा

नई दिल्ली। मुखर्जी नगर में ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन राजधानी में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन किया। इस मामले में FIR दर्ज हो चुकी है और 3 पुलिसवालों को सस्पेंड किया जा चुका है। घटना को लेकर पीड़ित ड्राइवर और पुलिस के अपने-अपने दावे हैं। पुलिस जहां ड्राइवर पर तलवार से हमला करने और अपने बेटे को हमले के लिए उकसाने का आरोप लगा रही है, वहीं ड्राइवर सरबजीत का कहना है उसने आत्मरक्षा में तलवार उठाई थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला है कि ग्रामीण सेवा के ड्राइवर सरबजीत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, वो पहले भी लोगों के साथ झगड़े और मारपीट करता रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच में हो रहा है। दरअसल, एक मामला 3 अप्रैल, 2109 का है। गुरुद्वारा बंगला साहिब के सेवादार मंगल सिंह ने शिकायत दी थी कि सरबजीत कई दिनों से अपने बेटे के साथ गुरुद्वारे में रह रहा था, जब उससे नाम पता और गुरुद्वारे में रहने की वजह पूछी तो वो झगड़ा करने लगा। इतना ही वहीं, सरबजीत ने मंगल का मरोड़कर हाथ तोड़ दिया था। इस मामले में शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, सरबजीत ने तब अपना पता बुराड़ी का लिखाया था। वहीं, बताया जा रहा है कि सरबजीत के खिलाफ तीन और मामले दर्ज हैं, जिनके बारे में पुलिस को पता चला है।
 
जिस ग्रामीण सेवा ड्राइवर के साथ मारपीट की गई, उसने अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि उस शाम उनके साथ क्या-क्या हुआ। उन्होंने आक्रोश दिखाते हुए कहा, मैंने पहले हमला नहीं किया और मेरे शरीर के जख्म बता देंगे मेरे साथ क्या हुआ है... क्या यह काम है दिल्ली पुलिस का? ऐसा तो वॉन्टेड क्रिमिनल के साथ नहीं किया जाता। ड्राइवर सरबजीत सिंह का कहना है, अब तो उन सभी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई चाहता हूं, जिन्होंने दरिंदों की तरह मुझे और मेरे बेटे को सरेआम बेरहमी से पीटा। वहीं जख्मी पुलिसवाले का कहना है कि सरबजीत ने पुलिस पर हमले के लिए बेटे को उकसाया। पीड़ित सरबजीत सिंह और उनके 15 साल के बेटे बलवंत सिंह ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरबजीत का दावा है कि सभी ने विडियो में देख ही लिया है कि कैसे 10-12 पुलिसवाले उन्हें और उनके बेटे को पीट रहे हैं। उसके बाद उन्हें उठाकर 10 कदम दूर थाने ले गए। सरबजीत ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने कहा कि उन्हें बिना सीसीटीवी वाले कमरे में लेकर चलते हैं। वहां उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उनके बेटे पर पुलिस ने रिवॉल्वर भिड़ाए रखी।
मारपीट में दो पुलिसवाले जख्मी हो गए। कृपाण के हमले का शिकार हुए एएसआई योगीराज का दावा है कि जैसे ही सरबजीत को पुलिसवालों ने गिराया, उन्होंने अपने बेटे को अटैक के लिए उकसाया। योगीराज ने कहा, 'जैसे ही उसने अन्य पुलिसवालों पर हमला शुरू किया, मैंने उसे पीछे से पकड़ने की कोशिश की। मैंने हाथ पर काबू की कोशिश की लेकिन उनका बेटा आया और मुझे थप्पड़ मारने लगा। बाद में उसने हमारी गाड़ी को रौंदने की कोशिश की। मेरी पकड़ थोड़ी ढीली पड़ी और उसने मुझपर तलवार उछाल दी, जिससे मेरे पैर और सिर चोटिल हो गए।'सरबजीत ने कहा, मैंने तलवार से पहले हमला नहीं किया। जो लोग मुझ पर सवाल उठा रहे हैं, उनसे कहना चाहूंगा कि अगर मैंने गलती की भी थी तो पुलिस का काम थाने से पुलिसवाले बुलाकर पीटने का है? वर्दी का रौब कौन दिखाता है? उनका काम हमें बचाने का है या बुरी तरह मारने का? रातभर सो नहीं पाया। ऐसे जख्म हैं, जो कई दिनों तक नहीं भूलेंगे। बहस के बाद मैं और मेरा बेटा घर जा रहे थे लेकिन पुलिसवाला थाने गया और वहां से पूरी फौज बुलाकर ले आया। अगर वो नहीं आते तो कुछ नहीं होता। जब मैंने देखा कि 10-12 पुलिसवाले मुझपर हमला कर रहे हैं तो मैंने तलवार का इस्तेमाल किया, सेल्फ डिफेंस में किया। काश लोग मेरे जख्म देखकर मेरे साथ खड़े होते।
3 सस्पेंड, पर विडियो में दिख रहे 11-12 पुलिसकर्मी
सोशल मीडिया पर वायरल हुए सिख ड्राइवर की पिटाई का विडियो देख सोमवार शाम मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन के बाहर सिख संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस मामले में अबतक 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। प्रदर्शनकारियों में से एक सुखविंदर सिंह ने कहा, आरोपी पुलिसवालों को सस्पेंड नहीं बल्कि बर्खास्त किया जाए, विडियो में 11-12 पुलिसवाले दिखाई दे रहे हैं जबकि महज 3 को सस्पेंड किया गया है। मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस का कहना है कि केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा, 'उत्तरी रेंज के जॉइंट कमिश्नर भी इस मामले में डीटेल्ड फैक्ट फाइंडिंग इन्क्वॉयरी कर रहे हैं।'
 

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