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19 Jun 2019

यातायात के नियमों का पालन करने में पुलिस ही पीछे

गाजियाबाद। शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह को स्थानीय पुलिस कर्मी ही पलीता लगा रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि सड़कों पर कुछ पुलिसकर्मी खुद यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कलेक्ट्रेट के पास पुलिसकर्मियों को यातायात नियमों का पालन न करते हुए देखा। जो तस्वीरें आपके सामने हैं उसमें सड़क सुरक्षा सप्ताह तो एक तरफ उन्हें अपनी जान की परवाह तक नहीं है। बिना हेलमेट लगाए सरपट दुपहिया वाहन दौड़ाने व एक दुपहिया वाहन पर तीन तीन लोग बैठकर जाने वाली तस्वीरें सड़क सुरक्षा सप्ताह को पलीता लगाने के साथ यह भी साबित कर रही है कि सिर्फ सड़क सप्ताह मनाने से इस गंभीर समस्या का समाधान होने वाला नहीं है।बुद्विजीवियों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि वाहन चलाने वालों को ट्रैफिक नियमों का ज्ञान नहीं है, लेकिन समाज के हर क्षेत्र में इन दिनों हर कार्य में शार्टकट अपनाने का फार्मूला ज्यादा हावी हो रहा है, जिसके घातक परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।
पुलिसकर्मी हों या आम व्यक्ति यही सोचता है कि थोड़ी दूर तो जाना है, क्या हेलमेट लगाए, लेकिन वह यह नहीं जानता कि सड़क दुर्घटना कई बार आपकी गलती से नहीं दूसरे की लापरवाही से भी हो सकती है, ऐसे में यदि आपने हेलमेट नहीं लगा रखा होगा तो उसका खामियाजा भी स्वयं को भुगतना पड़ेगा।इसलिए जरूरी है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन हो, खासकर पुलिस व हर उच्च और छोटे अधिकारी समेत हरेक वह व्यक्ति जो ट्रैफिक नियमों का उल्लघंन करने वाला हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद ही गाजियाबाद की छवि सुधरेगी, वरना तो दिल्ली में सीट बेल्ट लगाकर आते हुए गाजियाबाद की सीमा में प्रवेश करते ही उसे हटाने की आदत जाने वाली नहीं है। 
अच्छा हो कि सड़क सुरक्षा सप्ताह में लोगों को जागरुक करने वाले पुलिस कर्मी व आरटीओ के अधिकारी व कर्मचारी ही ट्रैफिक नियमों का पालन करने में कुछ अच्छे उदाहरण पेश करें तो काफी सुधार हो सकता है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान स्कूल में जागरुकता कार्यक्रम के साथ ही यदि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर वाहन लाने पर सख्त रवैया और स्कूल प्रबंधन द्वारा इस संबंध में जरुरी कदम सड़क दुघर्टना के बचाव के कार्यों में एक सही कदम होगा। दूसरे ट्रैफिक पुलिस को प्रभावशाली स्कूलों के खिलाफ जरूरी कदम उठाने का साहस दिखाना होगा।  इसमें चाहे पुलिसकर्मी ही क्यों न हों।

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