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11 Jun 2019

प्लेन हाइजैक का झूठा मेसेज फैलाने वाले बिरजू किशोर सल्ला को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

अहमदाबाद। विमान हाइजैक की झूठी अफवाह फैलाना एक शख्स को भारी पड़ गया। पेशे से जूलर बिरजू किशोर सल्ला नाम के एक व्यक्ति को स्पेशल एनआईए कोर्ट ने ऐंटी-हाइजैकिंग ऐक्ट 2016 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। बिरजू ने 30 अक्टूबर 2017 को जेट एयरवेज की एक फ्लाइट के टॉइलट में मेसेज 'प्लेन में हाइजैकर्स मौजूद हैं' लिखा था। इसके बाद फ्लाइट की इमर्जेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी थी।एनआईए स्पेशल कोर्ट के जज एम के दवे ने सल्ला को सजा सुनाई। बता दें घटना के समय प्लेन में 116 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। एनआईए की वकील गीता गोदांबे ने सल्ला के लिए उम्रकैद की मांग की थी। एनआईए ने 22 जनवरी 2018 को ऐंटी हाइजैकिंग ऐक्ट के तहत 38 वर्षीय सल्ला के खिलाप चार्जशीट दाखिल की थी। बता दें कि एविएशन मंत्रालय ने नवंबर 2017 मामले की जांच एनआईए को सौंप दिया था।जांच के दौरान यह बात सामने आई की सल्ला ने अंग्रेजी और उर्दू में धमकी भरा मेसेज लिखा था और उसने टॉइलट में पत्र छोड़ था। एनआईए ने चार्जशीट में दावा किया था सल्ला निजी एयरलाइंस को बदनाम करना चाहता था और इसके ऑपरेशन को रोकना चाहता था ताकि वह अपनी महिला मित्र को सबक सिखा सके। सल्ला ने पूछताछ में बताया था कि उसने पहले अपने लैपटॉप पर मैटर तैयार किया और कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से उसे उर्दू में ट्रांसलेट किया था।
कोर्ट ने फ्लाइट में मौजूद पायलट को 1 लाख रुपये, सभी एयर होस्टेसेस को 50-50 हजार रुपये और सभी यात्रियों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा भी देने को कहा है। आपको बता दें कि बिरजू किशोर सल्ला ने जेट एयरवेज के विमान के टॉइलट में एक धमकी भरा खत रख दिया था। इसमें लिखा था कि अपहरणकर्ताओं ने विमान को अपने घेरे में ले लिया है और दिल्ली में इसे नहीं उतरना चाहिए। इस विमान को सीधे पाक अधिकृत कश्मीर ले जाना चाहिए। खत के मिलने के बाद विमान संख्या 9W-339 को सुरक्षा कारणों के मद्देनजर अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए डायवर्ट किया गया था।पेशे से जूलर बिरजू 30 अक्टूबर 2017 को मुंबई से दिल्ली जा रही फ्लाइट के बिजनस क्लास में सफर कर रहा था, जब उसने यह हरकत की थी। फ्लाइट की लैंडिंग के बाद मामले में केस दर्ज किया गया और सल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान एनआईए को कई अहम सबूत मिले कि किस तरह आरोपी ने पूरी तैयारी की थी और धमकी भरा नोट लिखा था।जांच में सामने आया कि बिरजू ने यह हरकत पूरी तरह से जानबूझकर की थी और उसका मकसद फ्लाइट के संचालन में बाधा पैदा करना था। एनआईए ने कहा कि बिरजू की इस हरकत से प्लेन में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान जोखिम में पड़ गई थी।

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