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13 Jun 2019

बारह साल से रोज सुबह नहाने के बाद मंदिर नहीं, पालतू कुत्ते की कब्र पर जाता है यह शख्स

वडोदरा। सामान्यता हर घरों में नियम होता है कि कब्रिस्तान से आने के बाद लोग नहाते हैं। लोग नहाने के बाद मंदिर जाते हैं लेकिन गुजरात के वडोदरा में एक शख्स ऐसा ही जो रोज नहाने के बाद सबसे पहले मंदिर नहीं, बल्कि कब्रिस्तान जाता है। यहां पर वह एक कब्र पर प्रार्थना करते हैं। यह कब्र किसी महात्मा की नहीं, बल्कि उनके पालतू कुत्ते की है जिसकी 12 साल पहले मौत हो गई थी। तब से लेकर आज तक वह रोज खासवाडी के कब्रिस्तान में उसकी कब्र पर आते हैं। फतेहपुरा के रहने वाले बिल्डर प्रशांत हडगलकर ने बताया कि वह अपने इस पालतू कुत्ते टोनी को अपने बच्चे की तरह मानते थे। उसने अपनी जिंदगी जीकर इस दुनिया को अलविदा कहा। खास बात यह है कि प्रशांत के पास कई प्रसिद्ध नस्ल के कुत्ते हैं और टोनी एक आवारा देसी कुत्ता था। एक दिन प्रशांत उसे अपने घर ले आए और वह घर का सदस्य बन गया।
प्रशांत ने बताया, '1995 में में टोनी एक पिल्ला था। वह हमारे घर के बाहर घूमा करता था। हम उसे रोज खाना और दूध देते थे। एक दिन वह अचानक गायब हो गया। कुछ दिनों बाद उनके पड़ोस में रहने वाला एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर एक सवारी को छोड़ने छानी गया था। वहां टोनी ने उसे पहचान लिया और उस ऑटो में बैठ गया। काफी प्रयास के बाद भी वह उसके ऑटो से नहीं उतरा तो वह उसे वापस मोहल्ले में ले आया।'वापस आने के बाद टोनी ने प्रशांत के घर को अपना घर बना लिया। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने टोनी को अपने बेटे की तरह रखा। उसे कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई लेकिन वह खुद से पेशाब और मल के लिए घर के बाहर जाता। प्रशांत ने बताया, 'वह कभी भी मुझे अकेला नहीं छोड़ता था। मैं जब भी घर के बाहर निकलता वह मेरी बाइक पर चढ़कर बैठ जाता या मेरी बाइक का पीछा करता।'2007 में टोनी की मौत हो गई। उसे प्रशांत के परिवार ने खासवाडी कब्रिस्तान में दफनाया। उसकी कब्र पर संगमरमर का मकबरा बनवाया। तब से वह रोज सुबह नहाकर हाथों में फूल लेकर टोनी की कब्र पर जाते हैं। वहां से वह मंदिर जाते हैं, जहां चिड़ियों को दाना खिलाते हैं और आवारा कुत्तों को दूध पिलाते हैं।

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