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15 Jun 2019

दुर्घटनाग्रस्त AN-32 में सवार 13 लोगों के शव नहीं ढूंढ पा रही वायुसेना, मौसम बना मुसीबत

ईटानगर। भारतीय वायुसेना ने बताया है कि खराब मौसम के चलते दुर्घटनाग्रस्त एएन-32 में सवार 13 लोगों के शव खोजने में दिक्कत आ रही है। शिलांग स्थित भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने कहा कि बचाव अभियान, जो शनिवार सुबह शुरू हुआ, दुर्घटनास्थल पर खराब मौसम के कारण आगे नहीं बढ़ सका है।
चीता और एएलएच हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर हैं और मौसम में सुधार होने के बाद परिचालन शुरू करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वायुसेना के जवान इन मारे गए लोगों के परिवारों के निरंतर संपर्क में हैं और उन्हें नियमित रूप से चल रहे बचाव कार्यों के बारे में अपडेट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बचाव दल द्वारा चुनौतियों का सामना किया जा रहा है। बचाव दल ने शुक्रवार को रूसी मूल के एएन -32 विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) को बरामद किया। विमान 3 जून को असम के जोरहाट से चीन से लगी सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश में मेचुका जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के आधे घंटे बाद उसका संपर्क टूट गया।आठ दिनों  के तलाशी अभियान के बाद विमान के मलबे को मंगलवार एक भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर द्वारा सियांग और शि-यॉमी जिलों की सीमा पर गट्टे गांव के पास 12,000 फीट की ऊंचाई पर देखा गया था।  15 सदस्यीय बचाव दल को बुधवार दुर्घटना स्थल में जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए भेजा गया था।

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