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15 Nov 2018

डीयू छात्र संघ अध्यक्ष अंकिव बासोया को जांच होने तक डूसू प्रेजिडेंट पद से हटने को कहा : नई दिल्ली

नई दिल्ली। फर्जी डिग्री मामले में फंसे दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) छात्र संघ अध्यक्ष अंकिव बासोया को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( एबीवीपी) ने पद से इस्तीफा देने को कहा है। एबीवीपी ने इसके साथ ही उन्हें संगठन से सस्पेंड कर दिया है। उल्लेखनीय है कि डूसू चुनाव के बाद विपक्षी छात्र संगठनों ने बासोया पर फर्जी डिग्री के साथ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने का आरोप लगाया था और जिसके बाद मामले में जांच शुरू की गई।विपक्ष का आरोप है कि बासोया ने डीयू के बुद्धिस्ट डिपार्टमेंट में दाखिले के लिए वेल्लूर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया। इस मामले को लेकर एनएसयूआई के सनी छिल्लर ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है। वहीं, हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच के लिए डीयू को 20 नवंबर तक की मोहलत दी है। वहीं, डीयू का कहना है कि वे चाहते हैं कि कोर्ट तमिलनाडु की थिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी को निर्देश दे कि वे डीयू को मार्कशीट के वेरिफिकेशन में सहयोग दे, क्योंकि शुरुआत से ही यूनिवर्सिटी ने उसे सपॉर्ट नहीं किया। 
हालांकि, डीयू के बुद्धिस्ट डिपार्टमेंट के हेड का कहना है कि अब उन्हें यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने कहा है कि वह जल्द ही जांच करके जवाब देंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ तो वह खुद यूनिवर्सिटी जाएंगे।बता दें कि डूसू का चुनाव का परिणा 13 सितंबर को आया था और लिंग्दोह कमिटी की सिफारिशों के मुताबिक दो महीने सीट खाली रहने के बाद फिर से चुनाव नहीं हो सकते। वहीं, एनएसयूआई से प्रेजिडेंट उम्मीदवार सनी छिल्लर ने डीयू का विरोध किया। एनएसयूआई का कहना है कि डीयू अब तक इस मामूली से फ्रॉड की जांच नहीं कर पाई है। इसके साथ साथ दो महीने पूरे हो चुके हैं और लिंग्दोह कमिटी की सिफारिश के मुताबिक अब दोबारा चुनाव नहीं हो सकते, बल्कि वाइस प्रेजिडेंट को प्रेजिडेंट पोस्ट पर प्रमोट किया जा सकता है। डीयू ने यह देरी जानबूझकर की है। 

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