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30 Jul 2019

भाजपा ने किया डाॅ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोशल मीडिया समिट का आयोजन

सुनील कुमार,(नई दिल्ली)।  प्रदेश भाजपा सोशल मीडिया विभाग की ओर से डाॅ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोशल मीडिया समिट का आयोजन किया गया जिसमें सोशल मीडिया के दिग्गजों के साथ केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी, सांसद श्री रमेश बिधूड़ी, महामंत्री श्री कुलजीत सिंह चहल, प्रवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय, मीडिया प्रभारी श्री प्रत्युष कंठ, सह-प्रभारी श्री नीलकांत बख्शी, मीडिया प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराह, सह-प्रमुख श्री हरिहर रघुवंशी, आई.टी. एवं सोशल मीडिया विभाग प्रमुख श्री पुनीत अग्रवाल, पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष श्री मनीष सिंह, सोशल मीडिया टीम के सह-प्रमुख श्री विकास सिंह, श्री दीपक अरोड़ा, श्री सूरज सिंह, श्री अभिषेक कुलश्रेष्ठ, सुश्री अपूर्वा सिंह उपस्थित थे।
इसके साथ सोशल मीडिया एक्सपर्ट श्री अमित दूबे, श्री विकास पांडे, श्री प्रशांत पटेल ने अपने अनुभव को सबके साथ साझा किया और यह बताया कि आज के समय में सोशल मीडिया का कितना प्रभाव है और इसके उपयोग में क्या सावधानियां बरती जानी चाहियें। कार्यक्रम का संचालन मीडिया सह-प्रभारी श्री नीलकांत बख्शी ने किया। इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया बेहद ताकतवर है, जिसका जितना नेटवर्क है उसकी उतनी ही नेटवर्थ है और उतनी ही उसकी राजनीतिक ताकत है। सोशल मीडिया पर आज सब कुछ उपलब्ध है, लेकिन आपको उसमें से क्या लेना है यह आपके ऊपर निर्भर करता है। लोगों तक जुड़ने और लोगों को सुनने का सोशल मीडिया एक बहुत बड़ा माध्यम है। जब हम दुविधा में होते हैं तब भी सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत से लोग हमारे साथ खड़े होते है, हमारे विचारों के साथ खड़े होते हैं जिससे हमें एक ताकत मिलती है। सोशल मीडिया जिंदगी में बदलाव का एक माध्यम बन गया है, लेकिन आपको नकारात्मक चीजों को चुनना है या सकारात्मकता को जीवन में लेना है यह व्यक्ति विशेष के ऊपर निर्भर करता है। समय तेजी से बदल रहा है इसलिये आज पाॅलिस वीडियो की जगह लोग रफ वीडियो देखना ज्यादा पसंद करते हैं। हमें रिट्वीट करने से पहले यह नहीं सोचना चाहिये कि अमुख व्यक्ति मुझे जानता है या नहीं? अगर वह समाज और देश हित में है तो उसे रिट्वीट करना चाहिये।
 सोशल मीडिया की ताकत की चर्चा करते हुये प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा कि बदलते भारत में सोशल मीडिया की अहंम भूमिका है। सोशल मीडिया जन-जन तक पहुंच रखता है इसलिये जनमत तैयार करने के लिये एक सशक्त माध्यम है। बात चाहें समाजिक हो या राजनीतिक हो, सोशल मीडिया की सक्रियता को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। दिल्ली की चर्चा करते हुये श्री तिवारी ने कहा कि मैं दिल्ली को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम दिल्ली भाजपा के 20 साल के वनवास को इस बार खत्म करने का संकल्प लेते हैं, चाहे इसके लिये गैंग के सरगना कितनी भी साजिश क्यों न कर लें? दिल्ली के लोगों को उनका हक भारतीय जनता पार्टी दिलाने का संकल्प लेती है और चुनाव के बाद आने वाली भाजपा की नई सरकार रूके हुये कामों को गति देगी। सांसद श्री रमेश बिधूड़ी ने कहा कि सोशल मीडिया के महत्व को किसी भी रूप में नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि अब यह जन-जन का माध्यम बन चुका है। यदि फोन में सोशल मीडिया के एप न हों तो ऐसा लगता है कि फोन में कुछ खालीपन सा है। सोशल मीडिया की ताकत को देखते हुये हम सबको इसका इस्तेामल सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिये करना चाहिये।

29 Jul 2019

कांवड़ियों पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने हेलीकाप्टर से की पुष्प वर्षा

परिपूर्ण न्यूज़ संवाददाता,(गाजियाबाद)। कांवड़ यात्रा का उल्लास उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब आसमान से गुलाब के फूल बरसे। शिव भक्तों पर आज पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की। पुलिस लाइंस के हेलीपेड से हेलीकाप्टर ने उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर में डीएम डा. अजय शंकर पांडेय, एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने सबसे पहले मुरादनगर गंगनहर पर शिव भक्तों पर फूलों की वर्षा की और उसके बाद मेरठ रोड पर उमड़ रहे कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मेरठ रोड तिराहे पर हेलीकॉप्टर से पुष्प बरसाए गए। जिस समय पुष्पों की वर्षा की जा रही थी उस समय का नजरा बेहद ही रोमांचक था।
फूलों की वर्षा होते ही शिवभक्तों में ऊर्जा का नया संचार हो गया। मेरठ तिराहे के बाद प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर के ऊपर से दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुष्पों की वर्षा की। हेलीकॉप्टर से 75 किलोग्राम फूलों की वर्षा की गई। पुलिस लाइंस में हेलीकाप्टर द्वारा उड़ान भरने के दौरान एडीएम सिटी शैलेन्द्र कुमार, एसपी सिटी श्लोक कुमार शर्मा, एसडीएम आदित्य प्रजापति, एडीएम ई जितेन्द्र कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।

मजदूरों का 10 रुपये में पेट भरती हैं सोसायटी की महिलाएं, कहा- यह भी देश सेवा

नई दिल्ली। रोज दोपहर के 12-12:30 बजते ही वेस्ट दिल्ली के माया एन्क्लेव मेन गेट के बगल में लोग जुटने लगते हैं। ये सभी माया पुरी इंडस्ट्रियल एरिया के कामगार हैं या फिर आसपास के घरों में काम करने वाले लोग। कुछ जनकपुरी-मायापुरी रोड के राहगीर भी हैं। इन्हें इंतजार है सोसायटी की महिलाओं के एक समूह का जो इस दौड़ती-भागती दिल्ली में इन्हें महज 10 रुपये में घर जैसा बना खाना मुहैया करा रहा है, वह भी रोज, बिना नागा...लगभग 8 महीनों से। हां संडे जब कामगारों की छुट्टी तो इन महिलाओं का भी हॉलिडे है। इस सेवा पर कोई कयास लगाने के बजाय हमने खाना खिला रही महिलाओं से खुद पूछा कि रोजाना इतनी मेहनत आखिर क्यों जवाब मिला कि यह भी देशसेवा है। प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए वह कहती हैं कि हर इंसान को अपनी क्षमता के मुताबिक दूसरों की मदद करनी चाहिए। इसी मकसद से ये सभी महिलाएं अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद कुछ पुरुष सहयोगियों के साथ थोड़ी देर के लिए इस सेवा में आती हैं। 
कहां से मिली प्रेरणा? ग्रुप की सबसे अहम सदस्य, सीमा ने बताया कि इस इलाके में कई इंडस्ट्री हैं, जहां काफी लोग काम करने आते हैं, लेकिन सस्ता और अच्छा खाना कम को ही नसीब है। इसी से समूह को खाना खिलाने की प्रेरणा मिली। मैंने सवाल किया कि फिर 10 रुपये भी क्यों, तो वंदना ने कहा कि यह फूड फॉर डिग्निटी है। खाने वाले को लग रहा है कि वह भीख या दान नहीं ले रहा, जो खा रहा है, पूरे स्वाभिमान से उसकी कीमत दे रहा है। रोज का मेन्यू भी अलग-अलग है। इस टीम में शामिल कोशी बताती हैं कि खाने में चावल रोज होता है, साथ में कभी दाल और अचार, कभी छोले, राजमा या कढ़ी होती है। वंदना कहती हैं कि इको-फ्रेंडली माहौल बना रहे, इसके लिए खाना परोसने में प्लास्टिक कतई इस्तेमाल नहीं होता। खाना बांटते हुए लोगों को हिदायत भी दी जाती है कि कोई गंदगी नहीं फैलाएगा या खाली प्लेट यों ही नहीं फेंकेगा। फिर भी कुछ लोग ना मानने वाले भी होते हैं तो महिलाओं की यही टीम लंच परोसने के बाद वहां की सफाई भी करती हैं। वैसे जब यह मुहिम शुरू हुई तो पहले 60-70 लोग जुटते थे। अब तो 250 लोगों के खाने का औसत है। 
प्रति प्लेट खर्च कितना आता है, इसका जवाब इस मुहिम की अगुआई करने वाले वंदना के पति संजय देते हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय कहते हैं, प्रति प्लेट खर्च 22-23 रुपये आता है, तो फिर 10 रुपये में मैनेज कैसे होता है। वह बताते हैं कि कई बार लोग पैसों या राशन से मदद कर देते हैं। इस टीम के लोग खुद भी अपनी सामर्थ्य से योगदान करते हैं। हां, खाना कभी फ्री नहीं होगा, क्योंकि यह खाने की मर्यादा और खाने वाले की गरिमा, दोनों को बनाए रखने के लिए जरूरी है।माया एन्क्लेव सोसायटी में कभी किसी का जन्मदिन या घर में कोई और खुशी का मौका होता है, तो वह इस खुशी को आम लोगों से बांटने के लिए किसी दिन के खाने का खर्च खुद भी उठा लेते हैं, तो कोई महीने भर का राशन दे देता है। 

सरकार के खिलाफ बयान पर सस्पेंड बहाल होंगे डीजीपी जैकब थॉमस

कोच्चि। केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को सोमवार को उस समय झटका लगा जब केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने डीजीपी जैकब थॉमस को बहाल करने का आदेश दे दिया। थॉमस को 2017 में ओखी चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने को लेकर सरकार के खिलाफ उनके बयान पर निलंबित कर दिया गया था। कैट की एर्नाकुलम पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘यह स्थापित कानून है कि निलंबन सजा का रूप नहीं ले सकता।’ पीठ ने कहा, ‘हम निर्देश देते हैं कि आवेदनकर्ता को तत्काल सेवा में बहाल किया जाए और समकक्ष रैंक का एक उपयुक्त पद प्रदान किया जाए।’ पीठ ने कहा, ‘उद्देश्य स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी जांच को प्रभावित करने की स्थिति में नहीं हो जब वह अपनी ड्यूटी संभाले। हालांकि सेवा से एक उचित निलंबन और प्रताड़ित करने के उद्देश्य से किए गए निलंबन के बीच वास्तव में बहुत ही पतली रेखा है।’
थॉमस को 19 दिसम्बर 2017 में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ ओखी चक्रवात से निपटने को लेकर उनकी टिप्पणी पर निलंबित कर दिया गया था। इसे ध्यान में रखते हुए कि थॉमस 19 दिसम्बर 2017 से सेवा से बाहर हैं और उनके सेवानिवृत्त होने में लगभग एक वर्ष का समय बचा है, कैट ने कहा, ‘इस मामले की परिस्थितियों ने हमें इस निष्कर्ष पर पहुंचाया कि राज्य सरकार का इरादा अगर केवल उनके खिलाफ लगे आरोपों के बारे में सच पता करना है तो निलंबन अवधि को जारी रखना जरूरी नहीं है।’ अधिकरण ने राज्य सरकार की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि अधिकारी को अगर सेवा में बहाल किया गया तो वह जांच को प्रभावित करेंगे। उसने कहा कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही वित्त विभाग के पास हैं। 
अधिकरण ने कहा, ‘इसलिए अगर अधिकारी को बहाल किया जाता है तो अधिकारी द्वारा जांच को प्रभावित करने की संभावना कम दिखती है।’ अधिकरण ने कहा, ‘अगर अधिकारी पुलिस बल या उससे जुड़ी इकाइयों में काम करने के लिए फिट नहीं पाए जाते हैं तो सरकार उन्हें समकक्ष रैंक पर किसी अन्य पद पर समायोजित करे।’ थॉमस ने फैसले पर कहा कि मामले में न्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे अधिकारियों के लिए एक संदेश है। उन्होंने कहा, ‘अगर वे भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर सामने आएंगे, उन्हें न्याय निश्चित रूप से मिलेगा।’ यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार का उनके खिलाफ रुख सेवा में आने के लिए उनकी उम्मीद को कम करेगा, थॉमस ने एक समाचार चैनल से कहा, ‘केरल भारत का हिस्सा है। भारत में एक मजबूत प्रशासक है। इसलिए निर्णय होगा।’ 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की उनकी अर्जी पर कोई निर्णय नहीं किया है। थॉमस उच्च स्तर से अनुमति लिए बिना अपनी जीवनी ‘सर्वुकालकोप्पम नीनथुंबोल’ लिखने के लिए भी एक मामले का सामना कर रहे हैं। शिकायत मुख्य सचिव टॉम जोस के निर्देश पर सामान्य प्रशासनिक विभाग द्वारा दर्ज की गई थी। पुलिस की अपराध शाखा मामले की जांच कर रही है। 

फंदे से लटकते मिले थे महिला और तीन बच्‍चों के शव, मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा- दो बच्चियों का हुआ रेप

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में पिंपरी चिंचवड़ इलाके में 28 जुलाई को एक महिला समेत और तीन बच्चों का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ पाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया है कि इनमें से दो बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ था। मामले में केस दर्ज करके एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, पिंपरी चिंचवड़ इलाके के नूर मोहल्ला में एक महिला फातिमा कपड़ों की रस्सी के जरिए पंखे से लटकी मिली थी जबकि उसके तीन बच्चे दूसरे कमरे में नायलॉन की रस्सी से लटके पाए गए। मृतका मूलतः कर्नाटक की रहने वाली थी। इन तीन बच्चों में दो बेटियां और एक बेटा शामिल था। अब मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि नौ साल और सात साल की दोनों बेटियां बलात्कार की शिकार थीं। 
पुलिस ने बताया कि महिला का पति अकरम बाहर गया हुआ था। जब वह वापस घर लौटकर आया तो देखा कि कमरा अंदर से बंद है। बार-बार खटखटाने के बाद भी जब कमरा नहीं खुला, तब उसने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ दिया और अंदर का दृश्य देखकर हैरान रह गई। उन्होंने देखा कि दो लड़कियों समेत तीन बच्चे कमरे की छत की हुक से नायलॉन की रस्सी से लटके हुए थे। वहीं, उनकी मां दूसरा कमरे में कपड़े की रस्सी से बने फंदे पर लटकी थी। 
पुलिस के मुताबिक, पहली दृष्टि में मामला आत्महत्या का लग रहा है। महिला का पति फल बेचता था और फिलहाल बेरोजगार है। पुलिस के मुताबिक, मृतका फातिमा ने परिवार की आर्थिक तंगी की वजह से यह कदम उठाया है। पुलिस इंस्पेक्टर शंकर अवताड़े ने बताया कि अकरम को फलों के व्यापार में काफी घाटा हो गया था और फातिमा के पिता की हाल ही में मौत हो गई थी। इस वजह से वह डिप्रेशन में थी। उन्होंने बताया कि मौके पर से कोई सूइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। 

उन्नाव रेप पीड़िता के रोड ऐक्सिडेंट के बाद कुलदीप सिंह सेंगर और भाई मनोज समेत अन्य पर हत्या का केस दर्ज

उन्नाव। उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रविवार को कार के ट्रक की चपेट में आने के चलते दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में इलाज चल रहा है। कार के ट्रक की चपेट में आने को लेकर विपक्ष का कहना है कि यह हादसा नहीं बल्कि एक साजिश है। भारी दबाव के बाद प्रशासन ने अब इस मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उसमें उनके भाई मनोज सिंह सेंगर का नाम भी शामिल है। 
दरअसल, रेप और पीड़िता के पिता की पिटाई का मामला सामने आने के बाद कुलदीप सिंह सेंगर और उनके छोटे भाई अतुल सिंह सेंगर की गिरफ्तारी हो गई थी जबकि मनोज सिंह सेंगर पर इस मामले से लिंक न होने की वजह से वह बाहर थे। रायबरेली में रविवार को हुई घटना के बाद वह भी लपेटे में आ चुके हैं। महेश सिंह की तहरीर पर दर्ज हुई FIR रायबरेली के गुरुबक्स गंज थाने में महेश सिंह की तहरीर पर सेंगर और उनके भाई मनोज सेंगर के साथ-साथ विनोद मिश्र, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र और रिंकू के खिलाफ नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। महेश ने आरोप लगाया है कि उसे पक्का यकीन है कि रायबरेली में लड़की और उसके परिजन की कार में हत्या की नीयत से ट्रक को टकराया गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुए कुलदीप सिंह सेंगर ने बांगरमऊ से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की।
इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने उन्नाव की ही भगवंतनगर सीट से समाजवादी पार्टी (एसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। कुलदीप सिंह सेंगर ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी। हालांकि, जब वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव आए, तो कुलदीप सिंह कांग्रेस का हाथ छोड़कर हाथी के साथ चल दिए। कुलदीप ने चुनावी मैदान में कांग्रेस के प्रत्याशी को बड़े अंतर से मात दे दी। बाहुबली की छवि बनाने की वजह से 2007 से पहले बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। कुलदीप सिंह सेंगर ने एसपी का दामन थामकर बांगरमऊ से जीत दर्ज की। 

दिल्ली मेट्रो में अंतरंग हो रहे जोड़े का विडियो सीसीटीवी से रिकॉर्ड कर पॉर्न साइट पर डाला

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के एक स्टेशन पर अंतरंग हो रहे जोड़े का विडियो पॉर्न साइट पर डाले जाने का मामला सामने आया है। पॉर्न साइट पर मौजूद विडियो से पता चला है कि यह दिल्ली मेट्रो के सीसीटीवी कंट्रोल रूम से 18 जुलाई को दोपहर 2.22 बजे किसी ने लाइव फीड से मोबाइल पर रिकॉर्ड किया है। इसके बाद यह विडियो पॉर्न वेबसाइट पर डाल दिया गया और अब तक इसे एक लाख से अधिक व्यू मिल चुका है। डीएमआरसी ने घटना की पुष्टि करते हुए आजादपुर पुलिस थाने में अज्ञात जोड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 
डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने कहा, 'डीएमआरसी ने सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने के लिए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आगे मामले की जांच कर रही है। हमने सभी संबंधित जानकारी, ब्योरा और घटना का फुटेज साझा किया है तथा जांच में हर संभव मदद कर रहे हैं।' दयाल ने कहा, 'हम लोगों से अपील करते हैं कि वे मेट्रो सिस्टम में ऐसी हरकत न करें।' क्या डीएमआरसी ने विडियो बनाने वाले शख्स की पहचान की है, इस पर दयाल ने कहा, 'हम मामले में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।' हालांकि, अभी देखा जाना है कि अज्ञात जोड़े के खिलाफ एफआईआर पर क्या कार्रवाई होती है, लेकिन सीसीटीवी कंट्रोल रूम से विडियो रिकॉर्ड होने और फिर उसे पॉर्न साइट पर डाल देने की घटना लोगों की निजता के लिए चिंता की बात है। सवाल यह भी उठता है कि डीएमआरसी के कर्मचारी और सुरक्षा अधिकारी किस तरह से सीसीटीवी फुटेज को हैंडल करते हैं। ये सीसीटीवी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए हैं न कि निजी विडियो लेकर उन्हें प्रताड़ित करने के लिए।