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5 Jul 2019

वडोदरा में 8 घंटे की सर्जरी के बाद झुलस चुके प्राइवेट पार्ट को बचाया

वडोदरा। वह केवल 9 साल का था, जब 11 केवी लाइन से लगे करंट के तेज झटके से उसका शरीर कई जगह झुलस गया था। इस हादसे में रमेश (बदला हुआ नाम) का पीनिस (लिंग) भी बुरी तरह झुलस गया था। घटना मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के एक छोटे से गांव की है। रमेश अकसर अपने पब्लिक स्कूल में टॉइलट जाने से बचता था। वह अकेले में रोने को मजबूर हो जाता था, क्योंकि गांव के कई लोगों ने उस पर किन्नर होने की तोहमत तक मढ़ दी थी। उम्र बढ़ने के साथ उसके परिजन इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि रमेश की जिंदगी कैसे पटरी पर लौटेगी। लेकिन अब 25 साल के हो चुके रमेश के लिए जिंदगी अब पहले से ज्यादा खुशगवार है। वडोदरा में आठ घंटे तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने रमेश के पीनिस को फिर से बना दिया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. सौम्य नायक का कहना है, 'हमने रमेश के हाथ के टिशूज से माइक्रोवैस्कुलर पीनाइल रीकंस्ट्रक्शन के जरिए पीनिस का पुनर्निर्माण किया। हमने उसके हाथ के अगले हिस्से से टिशू निकाले और ट्यूब टेक्निक के जरिए पीनिस को दोबारा बना दिया।' डॉ. नायक का कहना है, 'एक धमनी और दो शिराओं समेत खून का संचार करने वाली तीन नसों को जोड़ा गया है, जिससे संवेदनशीलता बहाल हो सके।
सर्जिकल माइक्रोस्कोप के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।' संवेदनशीलता (इंद्रियबोध) का अनुभव होने के बाद मरीज को जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉ. नायक ने बताया, 'डेढ़ साल के बाद दूसरे स्टेज की सर्जरी की जाएगी। इसकी मदद से मरीज का लिंग 100 प्रतिशत काम करने लगेगा।' रमेश का कहना है, 'मेरे लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। बचपन में मैं लगातार अवसाद में रहता था। मैं दूसरे लड़कों की तरह खड़े होकर मूत्र त्याग नहीं कर सकता था। अगर मैं ऐसा करता था तो मेरे कपड़े गीले हो जाते थे। यहां तक कि रोजमर्रा की गतिविधियों में भी मुझे बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी।' बता दें कि रमेश पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की एक नगरपालिका में सरकारी कर्मचारी हैं।

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