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21 Jun 2019

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की खेप के साथ दो तस्करों को पकड़ा

नई दिल्ली। स्पेशल सेल ने दिल्ली पहुंची हथियारों की खेप के साथ दो तस्करों को पकड़ा है। इनके पास से 30 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद हुई है। पकड़ में आए दोनों तस्कर मध्य प्रदेश के धार जिले के हैं। आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी पवन सिंह और उसके साथी चंदर सिंह उर्फ चंदन सिंह उर्फ सतनाम सिंह के रूप में हुई है। दिलचस्प यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल बनाने में माहिर हैं। उनकी कई पीढ़ियां इसी तरह करीब 80 साल से हथियार बनाने का काम करती आ रही हैं। उनकी कारीगरी से बने हथियार दिल्ली ही नहीं बल्कि यूपी, एमपी और राजस्थान, हरियाणा के गैंग्स को भी बेहद पंसद हैं। इनके खुलासे से पुलिस भी सकते में आ गई, क्योंकि आरोपी ने बताया कि वह लोहे के कबाड़, साइकल के फ्रेम और बड़ी गाड़ियों के टायर से निकलने वाले तार से स्प्रिंग बनाकर .32 बोर की पिस्टल तैयार कर देता है। यह सारा सामान उसको आसानी से मिल जाता है। बाद में खराद मशीन की मदद से कबाड़ को अपने हिसाब से तैयार कर उसे पिस्टल की शक्ल दे दी जाती है। दिल्ली एनसीआर के अपराधियों तक इन हथियारों की सप्लाई पहुंचनी थी। डीसीपी मनीषी चंद्रा के मुताबिक, बरामद सभी .32 बोर की पिस्टल बेहद उम्दा किस्म की है। ये दोनों करीब 10 साल से हथियार बनाकर ऑन डिमांड अलग-अलग राज्यों में सप्लाई कर रहे थे। इसी साल जनवरी में अब तक पुलिस ने कई हथियार तस्करों को पकड़कर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। इसी कड़ी के दौरान मार्च में पुलिस ने दो हथियार तस्कर अमरीकन और शीतल सिंह को पकड़कर उनके पास से 52 पिस्टल बरामद की थी।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह हथियारों को मध्य प्रदेश के धार से पवन सिंह नाम के शख्स से लाए थे। पवन खुद हथियार बनाता है। इसके बाद से पुलिस ने आरोपी पवन की तलाश शुरू कर दी। इस बीच स्पेशल सेल की टीम को सूचना मिली कि आरोपी पवन अपने साथी के साथ दिल्ली आने वाला है। झील वाला पार्क, रोहिणी सेक्टर-3 में मंगलवार सुबह पकड़ लिया।पूछताछ में आरोपी पवन और चंदन ने बताया कि मध्य प्रदेश के धार में बड़ी संख्या में लोग हथियार बनाना जानते हैं। वह खुद पिछले करीब 10 साल से हथियार बना रहा है। पवन के खिलाफ मध्य प्रदेश में पांच अवैध हथियार के मामले दर्ज हैं, जबकि चंदन भी कई मामलों में शामिल रहा है। आरोपी ने बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए अपने गांव के पास जंगलों में अस्थायी मकान बनाकर वहां हथियार बनाता है। आरोपी सैंकड़ों हथियार बनाकर देशभर में सप्लाई कर चुका है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया है, आरोपी ने बताया कि एक पिस्टल तैयार करने में उसको करीब 7 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि उसको आसानी से 30 से 35 हजार रुपये की बिक जाती है।

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