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14 Jun 2019

सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी करने वाला मास्टमाइंड नाइजीरियन गिरफ्तार

अन्येश रॉय (डी.सी.पी साइबर क्राइम यूनिट)
सुनील कुमार ,(नई दिल्ली)। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे शातिर किस्म के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया लिंक्डइन के माध्यम से अपना शिकार ढूंढता था, और उनके साथ ठगी कर फुर्र हो जाता है। आज देश का हर तबका सोशल मीडिया का उपयोग करता है। कोई ना कोई किसी ना किसी माध्यम से सोशल मीडिया से जुडा हुआ है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया का लगातार विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके माध्यम से कई अपराध भी बढते जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे ही शातिर किस्म के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया लिंक्डइन के माध्यम से अपना शिकार ढूंढता था, और उनको अपना ठगी का शिकार बना कर गायब हो जाता है। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में खडा यह वहीं मास्टर माइंड है, जो लोगों को सोशल मीडिया लिंक्डइन के माध्यम से अपना शिकार बनाता था। में माना जाता है कि इस अभियुक्त ने फोलिनिक बी 12 ऑयल की बिक्री और खरीद के बहाने पूरे देश में दर्जनों लोगों को प्रभावित किया है। आरोपी व्यक्ति की पहचान गिल्बर्ट ओकोए पेड्रो के रूप में हुई है, जो एक नाइजीरियन निवासी है। दरअसल दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे एक व्यक्ति से लिंक्डइन कनेक्शन का अनुरोध प्राप्त हुआ था, जिसन उसे फोलिनिक बी 12 ऑयल के निर्यात के लिए एक आकर्षक व्यवसाय का प्रस्ताव दिया। 

इसमें शिकायतकर्ता को यह आॅयल 2500000 रू प्रत्येक लीटर खरीदकर 4500000 रू में बेचने का लालच दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ईमेल और फोन कॉल के माध्यम से खरीदार और विक्रेता से संपर्क करना शुरू कर दिया। इस मामले में अभियुक्त अपना विश्वास जीतने के लिए पीड़ितों से मिलते थे और इस तरह उन्हें धन के बड़े हिस्से के लिए प्रेरित करते थे। जो बाद में वह आॅयल शहद के अलावा कुछ नहीं होता था।दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपी बार-बार अपना स्थान और मोबाइल नंबर बदल रहा था जिससे उसकी पहचान स्थापित करना और उसके स्थान की पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा था। टीम ने सभी संभावित लीडों की जांच की और आखिरकार हफ्तों तक काम करने के बाद टीम को अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई।जांच के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह 2010 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और फिर कभी नाइजीरिया नहीं गया। शुरुआत में, उन्होंने भारत में कुछ कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया, लेकिन वित्तीय संकट के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। वह कंप्यूटर और इंटरनेट कौशल जानता है और विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को धोखा देना शुरू कर दिया।बहरहाल आरोपी अब दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है, और आगे की कार्यवाही जारी है। लेकिन इस मामले ने यह साफ कर दिया है, कि इंटरनेट के बढते प्रचलन में आज जिस तरह से सोशल मीडिया का लोग उपयोग कर रहे हैं उसमें उन्हें सावधान रहने की भी जरूरत है, ताकि वह किसी बडे अपराध का शिकार होने से बच सकें।

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