Latest News

4 Jun 2019

दम घोट रहे खटारा वाहन, जनरेटरों से बढ़ रहा प्रदूषण

फर्रुखाबाद। जनपद में 1 लाख 60 हजार से अधिक सामान्य वाहन व साढ़े 5 हजार से अधिक कामर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें खटारा वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। सर्वाधिक खराब स्थिति टेंपो की है। इनसे निकलने वाला धुआं शहर की आबोहवा तो खराब कर ही रहा है। इसके अलावा घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लगे जनरेटर समस्या खड़ी कर रहे हैं। उधर जिम्मेदार विभाग का हाल यह है कि वाहनों के प्रदूषण की जांच के नाम पर केवल दिखावा है। कंडम वाहनों के संचालन पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई जा रही है।
एआरटीओ कार्यालय में इन दिनों 1 लाख 60 हजार 935 वाहन जिनमें कार, टेंपो, बाइकें आदि पंजीकृत हैं, जबकि 5 हजार 522 कार्मशियल बड़े वाहनों का पंजीकरण है। कार्यालय में खटारा वाहनों का कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है, जबकि सड़कों पर वाहनों की दशा देखकर उनकी क्षमता का आकलन आसानी से किया जा सकता है। धुआं फेंकते यह वाहन सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। वाहनों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है, वहीं नाली व फुटपाथों पर अतिक्रमण के चलते सड़कें सिकुड़ रही हैं। इसी वजह से शहर में घंटों जाम लगता है और लोग परेशान रहते हैं। स्कूल, कालेज खुले होने के दौरान बच्चे जाम में फंस जाते हैं। गर्मी में तो और मुसीबत होती है। कपड़ा छपाई कारखानों के अलावा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में जनरेटर लगे हुए हैं। न तो कैनोपी लगी है और न ही स्क्रबर। इनसे निकलने वाला धुआं भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।

No comments:

Post a Comment