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19 Jun 2019

यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल ने रक्तदान कर बचाई अनजान नवजात की जान

वाराणसी। अपने कई कारनामों की वजह से अकसर उत्तर प्रदेश पुलिस सवालों के घेरे में रहती है। इनके बीच कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो मानवता के लिए नई-नई मिसाल भी कायम करते रहते हैं। दरअसल, ऐसी नजीरें कहीं न कहीं लोगों के जेहन में बार-बार एक बात लाती हैं कि हर पुलिसवाला खराब नहीं है। मामला है वाराणसी का, जहां पर पुलिसकर्मी राकेश सरोज ने एक अजनबी शख्स के 9 दिन के बेटे की जान बचाने के लिए तड़के सुबह 3 बजे रक्तदान किया। राकेश के इस काम की हर तरफ तारीफ हो रही है। यही नहीं, उनके इस कार्य के लिए अफसरों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। जानकारी के मुताबिक, बिहार के रहने वाले एक व्‍यक्ति का 9 दिन का बेटा महमूरगंज इलाके के एक प्राइवेट अस्‍पताल में भर्ती है।
मंगलवार की रात चिकित्‍सकों ने जांच के बाद नवजात की जान बचाने के लिए खून चढ़ाने को कहा। पिता तुरंत ही अस्‍पताल से निकलकर खून लेने आईएमए पहुंच गया। नियमानुसार जितना खून चाहिए उतना डोनेट करना होता है। बेटे की जान बचाने के लिए पिता खून देने के लिए तैयार हो गया लेकिन आईएमए के ब्‍लड बैंक ने स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से खून लेने से मना कर दिया। वाराणसी में उस अनजान व्‍यक्ति के पास ऐसा कोई नहीं था जो देर रात आकर बच्‍चे की जान बचाने के लिए खून दे सके। ऐसे में ब्‍लड बैंक के बाहर फूट-फूटकर रो रहे व्‍यक्ति को देख चेतगंज थाने के सिपाही राकेश ने रोने की वजह पूछ ली। यह पता चलने पर कि एक यूनिट खून मिलने से उसके बेटे की जान बच सकती है, राकेश ने अपना खून देने में जरा भी देर नहीं की। नवजात के पिता ने सिपाही को इस कार्य के लिए धन्यवाद भी दिया। अगली सुबह जह अफसरों को इस बात की जानकारी मिली तो चेतगंज सीओ अंकिता सिंह ने राकेश को बुलाकर सम्‍मानित किया।

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