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27 Jun 2019

अर्थला झील की जमीन पर बने 26 अवैध निर्माण ध्वस्त

गाजियाबाद। अर्थला स्थित झील की जमीन पर बने अवैध निर्माणों पर प्रशासन और नगर निगम की टीम ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी। एनजीटी के आदेश पर चिह्नित किए गए करीब साढ़े पांच सौ अवैध निर्माणों में से 26 को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान टीम को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। महिलाएं बेहोश भी हो गई। हालांकि डूडा की योजनाओं के तहत मकान दिए जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के अधिकारी, पीएसी, पुलिसबल अर्थला झील के पास एकत्र हो गए। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के न होने के चलते कार्रवाई के लिए इंतजार करते रहे। दोपहर करीब दो बजे एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार, एसपी सिटी श्लोक कुमार और निगम के जोनल प्रभारी एसके गौतम की अगुवाई में टीम ने बालाजी विहार में कार्रवाई की तो लोग रोने-बिलखने लगे। हाथ जोड़कर टीम को लौटने को कहा। हालांकि एनजीटी का आदेश होने के चलते टीम ने कार्रवाई शुरू की। 45 मिनट तक चली कार्रवाई में चार मकान और दो अर्धनिर्मित मकानों को ही तोड़ा गया और कार्रवाई समाप्त कर दी गई। गौरतलब है कि एनजीटी के आदेश पर झील पर बने करीब 550 अवैध निर्माणों को प्रशासन ने चिह्नित किया है। इनमें से 18 निर्माणों को 29 मई को कार्रवाई के दौरान ध्वस्त किया गया था। दस जुलाई को डीएम को एनजीटी में उपस्थित होना है और कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपनी है।
लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने रिपोर्ट दी थी कि अगर कार्रवाई शुरू हुई तो लोग आत्मदाह करने और झील में कूदकर जान देने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए साहिबाबाद, विजयनगर, इंदिरापुरम समेत अन्य थानों के करीब 350 पुलिसकर्मी और दो कंपनी पीएसी को पहले ही तैनात कर दिया गया था। गोताखोरों की टीम तैयार थी। पांच जेसीबी लगाने के अलावा इलाके की बिजली भी काट दी गई। कार्रवाई से दो घंटे पहले प्रशासन ने मुनादी करवाते हुए लोगों से कार्रवाई का विरोध न करने की अपील की। यह भी आश्वासन दिया कि जिन लोगों के मकान तोड़े जाएंगे उन्हें डूडा की योजना के तहत मकान दिया जाएगा। हालांकि कार्रवाई शुरू होते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। अधिकारियों ने बताया कि रिट को बृहस्पतिवार को न्यायालय ने खारिज कर दिया। सूत्रों की मानें तो विरोध को देखते हुए प्रशासन कार्रवाई नहीं करना चाह रहा था। हालांकि न्यायालय से रिट खारिज होने के बाद ही दोपहर दो बजे के बाद कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं महज 45 मिनट की कार्रवाई कर प्रशासनिक टीम लौट गई।विरोध के दौरान महिलाएं आगे आकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने झील की जमीन को बेचने दिया और मकान बनने दिए। एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार ने उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि विरोध कर रही कुछ महिलाओं को महिला पुलिसबल खदेड़कर पीछे ले गई। एनजीटी के आदेश पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिन लोगों के मकान तोड़े जाएंगे उनसे डूडा के मकानों के फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। जिन अधिकारियों के कार्यकाल में यह अवैध निर्माण किया है उनके खिलाफ कमेटी बनाकर जांच करवाई जा रही है। दस जून से पहले कार्रवाई जारी रहेगी। - शैलेंद्र सिंह, एडीएम सिटी

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