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14 Mar 2019

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरों को किया सम्मानित

नई दिल्ली। देश की सुरक्षा, सेवा और मानवता की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय देने वाले सैन्य वीरों को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सम्मानित किया है। गुरुवार को राष्ट्रपति ने रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान मरणोपरांत दो जांबाजों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। इसके अलावा अन्य कई सैनिकों को शौर्य चक्र एवं अन्य सम्मान प्रदान किए। आइए जानते हैं, देश के लिए कुर्बान होने वाले और सुरक्षा की परवाह किए बिना आतंकियों को ढेर करने वाले सैनिकों की बहादुरी की कहानी... 
 ब्रह्मपाल सिंह
कीर्ति चक्र 
सिपाही ब्रह्मपाल सिंह, राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) 
नवंबर, 2017 में एक गांव में तीन आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर ब्रह्मपाल सिंह एक मकान में घुसे। अकेले वह घुसे थे और अंधेरे में तीन तरफ से गोलियां झेलने के बाद भी उन्होंने एक आतंकी को मार गिराया और फिर दूसरे को भी नजदीकी मुठभेड़ में ढेर किया। यही नहीं अपने एक फंसे हुए साथी को भी बाहर निकाला। उन्हें मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया। 
राजेंद्र कुमार नैण
कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार नैण, सीआरपीएफ, (मरणोपरांत)
तीन आतंकी लथपुरा कैंप में एक चार मंजिला भवन में घुस गए थे। इस सूचना को मिलते ही टीमें पहुंची थीं। भारी गोलीबारी के बीच राजेंद्र और उनके सहयोगियों ने 10 साथियों को बाहर निकाला। छत पर पहुंचते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन अचेत होने तक वह फायरिंग करते रहे। उन्होंने एक आतंकी ढेर कर दिया। 36 घंटे तक यह ऑपरेशन चला था। 
तुषार गाबा
मेजर तुषार गाबा, जाट रेजिमेंट
23 मई 2000 की रात को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आठ आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की। 24 मई 2008 को सुबह चार बजे मेजर तुषार आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने के लिए दल के साथ घात लगाकर बैठ गए। 25 मई की रात को आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की। इसके बाद मेजर तुषार के दल को सतर्क कर दिया गया। 26 मई को सुबह साढ़े 5 बजे आतंकियों ने स्वचालित राइफल और ग्रेनेड का इस्तेमाल करते हुए दल पर गोलाबारी शुरू कर दी। इससे एक सिपाही घायल हो गया। मेजर गाबा भारी गोलीबारी के बीच 20 मीटर तक रेंगते हुए आतंकियों के पास पहुंचे। उन्होंने हैंड ग्रेनेड दागा और अपनी परवाह न करते हुए एके 47 राइफल से नजदीकी भिड़ंत में तीनों आतंकियों को मार गिराया। 
शौर्य चक्र
हेड कॉन्स्टेबल धनावड़े रविंद्र (मरणोपरांत) 
पुलवामा में जिला पुलिस लाइन में तीन आतंकी चुपके से घुस गए थे। आतंकी आवासीय क्वॉर्टरों में भाग गए थे। उनसे लोहा लेते हुए रविंद्र शहीद हो गए थे। घायल होने और निरंतर रक्त स्राव के बावजूद स्थान नहीं छोड़ा और आतंकी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्नी वैशाली और माता जनता धनावड़े ने राष्ट्रपति से प्राप्त किया सम्मान। 
हेड कॉन्स्टेबल ए. एस कृष्ण, कॉन्स्टेबल के. दिनेश राजा, कॉन्स्टेबल प्रफुल्ल कुमार (सीआरपीएफ) 
दो हथियार बंद आतंकी शिविर पर गोलीबारी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दोनों संतरियों संग कृष्ण भी शामिल हो गए। अलार्म बजा दिया गया। तीनों की ओर से जवाबी कार्रवाई ने आतंकियों को ढेर कर दिया। जान के खतरे का सामना करते हुए असाधारण पराक्रम का परिचय दिया। 
कैप्टन मेजर वर्मा जयेश राजेश, राष्ट्रीय राइफल्स
सितंबर, 2017 को कश्मीर में आतंकियों के भागते समूह ने गोलियां चला दीं। जयेश ने रणनीतिक लड़ाई में मोर्चा संभाला और दो में से एक आतंकी को मार गिराया। तीसरा एक घर में छिप गया। आतंकी गोलीबारी के बीच रेंगकर पहुंचे और ग्रेनेड दाग दिया। इसमें तीसरा भी ढेर हो गया। इस दौरान आपका दायां पैर घायल हो गया। 
कैप्टन कनेंद्र पाल सिंह, राष्ट्रीय राइफल्स 
अक्टूबर, 2017 में एक गांव में तीन आतंकियों की मौजूदगी की सीमा में सिंह ने घेराबंदी कर दी। आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक आतंकी को मार गिराया। मार्च 2018 में एक बार फिर आतंकियों को घेरा। इस दौरान आंतंकियों ने ग्रेनेड दागा। इस दौरान आपने एक आतंकी को ढेर कर दिया। रेंगते हुए आगे बढ़े और दूसरे आतंकी को आमने-सामने की जंग में मार गिराया। तीन आतंकी इस ऑपरेशन में ढेर हुए। 
 रंजीत सिंह
गनर रंजीत सिंह, राष्ट्रीय राइफल्स 
गनर रंजीत सिंह ने एक विशिष्ट ऑपरेशन के दौरान भागने के स्थान पर तैनात किया गया। छह आतंकी एक घर से निकले और मोर्चे पर फायरिंग करने लगे। रंजीत सिंह की जांघ पर गोली लगी, लेकिन आतंकियों को भागने से रोकने के लिए उन्होंने डटकर सामना किया और एक को ढेर कर दिया। यही नहीं दो को बुरी तरह घायल किया। इसके बाद दो अन्य आतंकी दूसरी तरफ भागे, जहां अन्य सैनिकों ने उन्हें ढेर कर दिया। 
मेजर आदित्य कुमार, गढ़वाल राइफल्स
नवंबर, 2017 में एक गांव में 4 आतंकियों की सूचना मिलने पर अधिकारी ने अपने साथियों को तैनात करने में उच्च कौशल का प्रदर्शन किया। उनकी घेराबंदी से आतंकियों को नियंत्रण रखा जा सका। अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए उन्होंने एक आतंकी को नजदीकी मुठभेड़ में मार गिराया। उसके बाद घर की खिड़की से फायरिंग कर रहे एक और आतंकी को ढेर कर दिया। 
नायब सूबेदार विजय कुमार यादव
दुश्मनों की फायरिंग पर तुरंत हरकत में आ गए। छिपे हुए आतंकियों की फायरिंग की परवाह किए बिना वे आगे बढ़ते रहे और एक को ढेर कर दिया। इसके बाद शव ले जाने की कोशिश कर रहे एक और आतंकी को उन्होंने गोली मार दी। पाकिस्तान की बॉर्डर ऐक्शन टीम इस हमले को कवर दे रही थी, जो असफल रही। 
मेजर पवन गौतम
मेजर पवन गौतम, राष्ट्रीय राइफल्स 
31 मार्च, 2018 को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही गौतम ने योजना तैयार कर घेराबंदी कर दी। मकान की ओर आगे बढ़े और भारी गोलीबारी हुई। दो आतंकियों ने ग्रेनेड दाग दिए, इस बीच एक साथ घायल हो गया। इस बीच गौतम ने एक आतंकी को ढेर कर दिया और साथी को बचा लिया। दूसरे आतंकी ने उन पर ग्रेनेड दाग दिया और कई अन्य आतंकी फायरिंग करने लगे। इस दौरान वे रेंगते हुए एक छिपे आतंकी की ओर आगे बढ़े और उसे ढेर कर दिया। 5 अन्य आतंकी भी इस दौरान ढेर किए गए। कुल 7 आतंकी इस ऑपरेशन में ढेर किए गए। 
सैपर महेश, राष्ट्रीय राइफल्स 
तीन अगस्त, 2018 को जम्मू-कश्मीर में एक गांव में अभियान के दौरान आतंकियों की घेराबंदी करते हुए उनके भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। इस दौरान आतंकियों ने भागने का प्रयास करते हुए इस दौरान उन्होंने एक को ढेर कर दिया और दूसरे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। अगली सुबह एक अन्य आतंकी ने उन पर भीषण फायरिंग की। इस दौरान एक और आतंकी को उन्होंने मार गिराया। 
कैप्टन अभिनव कुमार चौधरी
कैप्टन अभिनव कुमार चौधरी, राष्ट्रीय राइफल्स 
8 अगस्त, 2018 को 5 आतंकियों की गतिविधि का पता चला। रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए आतंकियों के बच निकलने का रास्ता रोक दिया। भारी गोलाबारी करते हुए छिपे आतंकियों के निकट पहुंचे और एक विदेशी आतंकी को ढेर कर दिया। इस अभियान में पांचों आतंकी मारे गए। 
लांस नायक अयूब अली
लांस नायक अयूब अली, राजपूताना राइफल्स 
15 सितंबर, 2018 को एक घर में छिपे आतंकियों की घेराबंदी की। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। एक सैनिक घायल हो गया, यह देख वह छिपने की जगह से बाहर निकले और एक आतंकी से नजदीकी मुकाबले में भिड़ गए और उसे ढेर कर दिया। दो घायल सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी मदद की। 
मेजर अमित कुमार डिमरी
मेजर अमित कुमार डिमरी, राष्ट्रीय राइफल्स
20 सितंबर, 2018 को 5 आतंकियों की जानकारी मिलने पर डिमरी के नेतृत्व में ऑपरेशन शुरू किया। खुद को खतरे में ढेर कर दो आतंकियों को ढेर किया। 21 सितंबर को दो और आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद गोशाला में छिपे एक आतंकी को भी मेजर डिमरी ने ही भीतर घुसकर मार गिराया। उन्होंने तीन आतंकियों को मार गिराया। 
नौसेना मेडल
कैप्टन पी. राजकुमार 
नवंबर, 2017 में ओखी तूफान के दौरान त्रिवेंद्रम में पूरे दिन बचाव अभियान चलाया। समुद्र में एक मछुआरे को सूर्यास्त के बाद भी बिना सर्विसिंग वाले विमान और नाइट विजन सहायता के बगैर बचाने का काम किया। 30 मिनट तक बेहद कठिन ऑपरेशन चलाकर मानव जीवन बचाया। 
इन सैनिकों के अलावा थलसेना अध्यक्ष बिपिन रावत समेत सेना, वायुसेना एवं नौसेना के अधिकारियों को भी उत्कृष्ट सेवा के लिए मेडल दिए गए। जानें, किस अधिकारी को मिला क्या सम्मान.

जनरल बिपिन रावत, सेनाध्यक्ष 
परम विशिष्ट सेवा मेडल 

लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र सिंह
अति विशिष्ट सेवा मेडल 

लेफ्टिनेंट जनरल विपिन पुरी
विशिष्ट सेवा मेडल 

लेफ्टिनेंट जनरल मुकुंद नरवणे
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
विशिष्ट सेवा मेडल 

वाइस एडमिरल अजीत कुमार पी. 
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
वायुसेना सेवा मेडल 

एयर मार्शल बालकृष्ण सुरेश
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
वायुसेना मेडल 

एयर मार्शल रघुनाथ मांबियार 
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
वायु सेना मेडल 

लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
विशिष्ट सेवा मेडल 

लेफ्टिनेंट जनरल पंकज कुमार श्रीवास्तव
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल सुदर्शन श्रीकुमार
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल एकरूप सिंह घुमन 
अति विशिष्ट सेवा मेडल 

एयर मार्शल सरदार हरपाल सिंह
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
वायुसेना मेडल 

ले. जनरल शौकीन चौहान, सेवानिवृत्त
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
युद्ध सेना मेडल 

ले. जनरल जसविंदर सिंह संधू

उत्तम युद्ध सेवा मेडल 
अति विशिष्ट सेवा मेडल 
युद्ध सेवा मेडल 

मेजर जनरल विजय ज्ञानदीप चौगले, सेवानिवृत्त 
विशिष्ट सेवा मेडल 

उत्तम युद्ध सेवा मेडल 
ले. जनरल सरनजीत सिंह 

सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल 
ले. ज. वाई. वी. कृष्णमेहन 

ले. ज. संजय वर्मा
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. ज. जगदीप कुमार शर्मा 
अति विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. ज. उमेश कुमार शर्मा
अति विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल परमजीत सिंह
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल ताराकांत उपासने
सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल अनंत प्रसाद सिंह 
सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल योगेंद डिमरी
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल सुरेंद्र कुमार पाराशर
विशिष्ट सेवा मेडल 

वाइस एडमिरल सुनील आनंद
नौसेना मेडल 

एयर मार्शल अमित तिवारी
वायुसेना मेडल 

एयर मार्शल अमित देव
विशिष्ट सेवा मेडल 

ले. जनरल गिरिराज सिंह, सेवानिवृत्त
सेना मेडल 

मे. जनरल आलोक राज
सेना मेडल 

मे. जनरल तेजपाल सिंह रावत
विशिष्ट सेवा मेडल 

मे. जनरल बंसी पोनप्पा
विशिष्ट सेवा मेडल 

मेजर जनरल गजेंद्र सिंह
विशिष्ट सेवा मेडल 

रियर एडमिरल मकरंद अरविंद हंपीहोली
नौसेना मेडल 

रियर एडमिरल, दिनेश त्रिपाठी 
नौसेना मेडल 

एयर वाइस मार्शल बिजूश मुखर्जी 
विशिष्ट सेवा मेडल 

मेजर जनरल परमजीत सिंह संधू 
विशिष्ट सेवा मेडल 

एयर मार्शल सौमित्र कुमार डे, सेवानिवृत्त
विशिष्ट सेवा मेडल 

ब्रिगेडियर संजीव लांगे
सेना मेडल 

एयर कोमोडेर, धनंजय वसंत 
वायुसेना मेडल 

एयरकोमोडोर, जॉर्ज थॉमस
वायुसेना मेडल 

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