Latest News

15 Mar 2019

पढ़ने के लिए बुआ ने रखी गांजा बेचने की शर्त, गिरफ्तार

गाजियाबाद।  'अब तेरे मां-बाप तो हैं नहीं, तो बता तेरी पढ़ाई का खर्च कौन उठाएगा। अगर तुझे पढ़ाई करनी है तो कुछ काम करना पड़ेगा।' कुछ ऐसी ही कहानी घंटाघर कोतवाली पुलिस की तरफ से पकड़े गए 8वीं कक्षा के छात्र ने पुलिस को बताई है। किशोर ने बताया कि उसकी बुआ उसे गांजा बेचने के लिए मजबूर करती थी। अगर वह ऐसा नहीं करता तो उसे पढ़ाई के लिए पैसे नहीं मिलते। किशोर दिन में स्कूल में पढ़ाई करने के बाद स्कूल बैग में गांजा लेकर विभिन्न स्थानों पर जाकर सप्लाई करता था। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह करीब 4 महीने से स्कूल से आने के बाद बुआ की बताई जगहों पर गांजा सप्लाई कर रहा था। कोतवाली प्रभारी जयकरण सिंह ने बताया कि इस मामले में किशोर की बुआ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। किशोर को बाल सुधार गृह भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, विजयनगर क्षेत्र में रहने वाले किशोर के पिता की मौत 2 साल पहले बीमारी के चलते गई थी। करीब 1 साल पहले उसकी मां का भी कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद वह अपनी बुआ के साथ रहने लगा। 
वह विजयनगर के ही एक स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। किशोर ने बताया कि करीब चार महीने पहले बुआ ने उससे कहा कि तेरे मां-बाप तो मर चुके हैं, ऐसे में पढ़ाई और अन्य खर्च वह नहीं उठा पाएंगी। इसके लिए उसे खुद कुछ काम करना होगा। इसके बाद उसने गांजे के कुछ पैकेट देकर सप्लाई करने के लिए कहा गया। जब उसने कुछ दिन बाद इस काम को करने से मना किया तो उसकी पिटाई की गई, जिसमें उसके पैर भी फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे में मजबूरीवश उसे पढ़ाई के लिए बुआ की बात मानकर गांजा बेचना पड़ रहा था। पुलिस के अनुसार, किशोर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा समेत कुछ कॉलेजों के पास भी गांजा सप्लाई करता था। इस दौरान स्कूल बैग होने के कारण पुलिस को उस पर शक नहीं होता था। उसने बताया कि एक दिन में वह करीब 5 हजार रुपये तक का गांजा सप्लाई कर देता था। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि कुछ दिन से इस बारे में शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई तो पता चला कि बुआ ही बच्चे से गांजा सप्लाई करवा रही थी। 

No comments:

Post a Comment