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12 Mar 2019

भारत की ताकत से घबराया पाक, चीन की शरण में पहुचा

पेइचिंग। भारतीय वायुसेना की बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की एयरफोर्स जवाबी कार्रवाई करने में नाकाम हो गई थी। अब पाकिस्तान ने 27 फरवरी को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपने लड़ाकू विमान JF-17 थंडर को अपग्रेड करने का फैसला किया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान के इस फाइटर जेट को चीन के साथ संयुक्त रूप से बनाया गया है। हालिया ऐक्शन में मिली नाकामी के बाद अब भारत के खिलाफ अपनी जंगी तैयारियों को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान ने जेएफ-17 थंडर की क्षमता को बढ़ाने का फैसला किया है। पाकिस्तान जेएफ-17 को भारत के तेजस लड़ाकू विमान के टक्कर का बनाना चाहता है।बताया जा रहा है कि चीन और पाकिस्तान इसकी युद्धक क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत जैसे मजबूत विरोधियों से पाक अपनी रक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। 
चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित फाइटर जेट के मुख्य डिजाइनर और चीनी सांसद यांग वेई ने कहा कि जेएफ-17 ब्लॉक 3 का विकास और उत्पादन जारी है। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि जेएफ-17 विमान का इस्तेमाल 27 फरवरी को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार किए गए हमले में किया गया था। इसी दौरान भारतीय वायुसेना ने अमेरिका में बने एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। ग्लोबल टाइम्स द्वारा मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जेएफ-17 को अपग्रेड करने का लक्ष्य इस लड़ाकू विमान की इन्फ़र्मेटाइज्ड वॉरफेअर (IW) क्षमता को बढ़ाना है। गौरतलब है कि IW एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें दुश्मन पर बढ़त हासिल करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी का बराबर इस्तेमाल किया जाता है। चीनी सेना अक्सर ही IW का इस्तेमाल करती है। जेएफ-17 (पहले एफसी-1 शियोलॉन्ग के नाम से जाना जाता था) एक इंजन वाला मल्टी-रोल लाइट फाइटर है और कई वर्षों से दोनों देश मिलकर इसे बना रहे हैं, इसके लिए इंजन रूस ने दिया था।खास बात यह है कि JF-17 का इस्तेमाल चीन की तुलना में पाकिस्तान ज्यादा कर रहा है। चीन की एयरफोर्स ने रूस के सुखोई जैसे नई पीढ़ी के जेट को खरीदा है। इसके अलावा चीन के पास कई स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्टील्थ टेक्नॉलजी से लैस नए एयरक्राफ्ट है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक फिलहाल JF-17 का मुकाबला भारत के तेजस और दक्षिण कोरिया के FA-50 लड़ाकू विमान से है। यांग ने कहा, 'JF-17 के थर्ड ब्लॉक को नई युद्धक क्षमता और हथियारों के लिहाज से अपग्रेड किया जा रहा है।'
पेइचिंग बेस्ड सैन्य विश्लेषक वी दोंगशू ने ग्लोबल टाइम्स से कहा कि JF-17 ब्लॉक 3 में एक ऐक्टिव इलेक्टॉनिक स्कैन्ड रेडार से लैस होगा, जो जंग के हालात में ज्यादा सूचनाएं जुटा सकेगा। डर्न रेडार टेक्निक होने से यह लड़ाकू विमान काफी दूरी से ही एक समय पर कई टारगेट्स को निशाना बना सकेगा। हेल्मेट के आकार का साइट सिस्टम होने के कारण पायलट को देखकर फैसला लेने में मदद मिलती है। बताया जा रहा है कि इससे पाकिस्तान का यह फाइटर प्लेन दूसरे फाइटर्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स से सूचनाएं साझा कर सकेगा और इससे लड़ाई के दौरान भारत जैसे ताकतवर देश के सामने प्रभावी तरीके से देश की रक्षा की जा सकेगी। वी का मानना है कि नए अपग्रेड वाले JF-17 ब्लॉक 3 के आने से इसकी तुलना एफ-16 फाइटर जेट से की जा सकेगी। 

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