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6 Mar 2019

तिहाड़ के बदमाश को फंसाने के लिए गर्लफ्रेंड की सहेली को गैंगरेप के बाद मार डाला

दिल्ली। सरिता विहार इलाके में 27 फरवरी को बोरी में मिली लड़की की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। तिहाड़ में शुरू हुई दुश्मनी की वजह से एक शातिर अपराधी ने एक बदमाश के भाई को फंसाने के लिए 25 साल की इस लड़की की हत्या की साजिश रची थी। लड़की को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया गया था और उसके बाद उसका गैंगरेप कर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों ने गैंगरेप की बात कबूली है। साजिश का मास्टरमाइंड धीरेंद्र गिरफ्त से बाहर है। युवती के कातिलों तक पहुंचने में अहम रहे मृतक युवती की ट्राउजर से मिला नोट और उसकी मोबाइल कॉल डीटेल्स। जेब से मिले नोट में लिखा था कि उसके साथ अश्लील हरकत हुई और उसका न्यूड विडियो बनाया गया था। नोट में तीन लोगों के नाम भी लिखे थे। पुलिस ने लड़की के घर जाकर उसके हैंडराइटिंग सैंपल लिए और पैंट से मिले नोट की लिखावट से उसका मिलान करने पर दोनों को समान पाया। इसके बाद मृतक युवती के मोबाइल फोन की कॉल डीटेल्स खंगालने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। जिस दिन युवती लापता हुई, उस दिन उसके और उसे नौकरी देने के नाम पर बुलाने वालों के बीच बातें हुई थीं। इससे पहले युवती की उन युवकों से कभी बातचीत नहीं हुई थी। 
दो शातिर अपराधियों की तिहाड़ जेल में दोस्ती हुई। इनमें से एक क्रिमिनल तिहाड़ में बंद अपने एक दुश्मन बदमाश से बदला लेना चाहता था। उसने बुराड़ी में रहने वाले उसके भाई को रेप और मर्डर में फंसाने का सोचा। एक तीर से दो निशाने साधे जाने थे। पहला, छोटा भाई भी जेल में गया तो उसकी 200 गज की जमीन कब्जा कर लेंगे और दूसरा, तिहाड़ में बंद बदमाश से बदला भी पूरा हो जाएगा। फंसाने के लिए एक लड़की की जरूरत थी। अपनी गर्लफ्रेंड की सहेली को जॉब का झांसा दिया और गैंगरेप के बाद मर्डर कर दिया। डीसीपी (साउथ-ईस्ट) चिन्मय बिश्वाल के मुताबिक, भलस्वा में हुए एक मर्डर का आरोपी धनंजय और बुराड़ी में रहने वाले बदमाश बंटी के बीच तिहाड़ जेल में रंजिश हो गई। दिनेश भी चोरी के मामले में जेल में पहुंचा, जिसकी दोस्ती धनंजय से हो गई। दोनों पिछले दो महीने से संगम विहार इलाके में रह रहे थे। दोनों ने बंटी से बदला लेने का षडयंत्र रचा। इसके लिए उसके छोटे भाई आरूष को मर्डर और रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने का 'फूलप्रूफ' प्लान बनाया गया। इसमें उन्होंने सौरभ भारद्वाज को भी शामिल कर लिया। 
दिनेश ने अपनी गर्लफ्रेंड की दक्षिणपुरी में रहने वाली सहेली को जॉब दिलाने के बहाने 25 फरवरी को एक फ्लैट पर बुलाया। धीरेंद्र, दिनेश और सौरभ ने लड़की को बंधक बनाकर गैंगरेप किया और हत्या कर दी। इसके बाद 7800 में एक टैक्सी हायर की गई। रहीमुद्दीन उर्फ रहीम और चंद्रकेश उर्फ बंटी को 4 हजार रुपये का लालच देकर बॉडी को अगले दिन सरिता विहार इलाके में फेंक दिया गया। लाश को ठिकाने लगाने के बाद सभी आरोपी अपने प्लान को फूलप्रूफ मान रहे थे। उन्हें पूरा भरोसा था कि वे अपने षडयंत्र में सफल हो जाएंगे। मगर, एसीपी ढाल सिंह की निगरानी में एसएचओ अजब सिंह, इंस्पेक्टर सुमन कुमार की टीम ने केस को चार दिन में सुलझा दिया। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है। पुलिस ने मर्डर के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन आरोपियों से पूछताछ के बाद गैंगरेप, आपराधिक षडयंत्र आदि की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। 

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