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12 Mar 2019

प्रेमिका के पति को मारने के लिए दी फिरौती, हत्यारों ने पूरा परिवार कर दिया खत्म

बेंगलुरु। कर्नाटक की एक सिविल कोर्ट ने 10 साल की बच्ची और उसके परिजन की हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन लोगों के नाखूनों में मृतकों के बाल पाए गए थे। इसके अलावा मृतकों के शव पर उनके फिंगरप्रिंट भी पाए गए थे। कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बताया गया कि यह मामला 2009 का है, जब इन चारों लोगों ने पूर्वी बेंगलुरु के जयंती नगर में स्थित पीड़ितों के घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी थी। दोषियों में रमेश (50), लोकेश (33), भास्कर (34) और मुरली (29) शामिल हैं। आजीवन कारावास के अलावा इनपर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ये लोग राहुल दास (45), उनकी पत्नी पुष्पलता (39) और उनकी 10 साल की बेटी की 21 अक्टूबर 2009 को हत्या करने के मामले में दोषी पाया गया। 
सभी दोषियों को सबूत मिटाने के मामले में 5000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। इन चारों लोगों को जेल में चार साल बिताने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया था। जस्टिस बेलालदवारा ने कहा कि मुख्य आरोपी रमेश का अवैध संबंध पुष्पलता से था और उसने पुष्पलता के पति को रास्ते से हटाने के बारे में प्लान बनाया। रमेश ने तीन लोगों को तीन लाख रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया और राहुल को मारने की बात कही। उनमें से हर एक को अडवांस के रूप में 10 हजार रुपये भी दिए। रमेश ने यह भी कहा कि अगर घर में कोई मंहगी चीज मिले तो वे बांट लें। लेकिन इन तीनों ने राहुल के साथ-साथ पुष्पलता और उनकी बेटी को भी मार डाला। बताया गया कि पुष्पलता को भी इस बारे में नहीं पता था कि रमेश ने उनके पति को मारने की सुपारी दी है। पुलिस ने बताया कि राहुल मूलत: असम के थे। तीनों के शव बाथरूम में पाए गए थे। जस्टिस बेलालदवारा ने कहा कि हत्यारों ने राहुल के सिर को एक पानी की बाल्टी में और उनकी पत्नी और बेटी के शव को बाथटम में डाल दिया था, जिससे वे मर जाएं। 

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