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8 Jan 2019

दिल्ली पुलिस के सिपाही ने अपने ही साथी सिपाही पर लगाया कुकर्म का आरोप : नई दिल्ली

नई दिल्ली। सोमवार की सुबह पुलिस कंट्रोल रूम पर एक ऐसी कॉल आई, जिसने पुलिस अफसरों को भी हैरत में डाल दिया। एक पुलिसवाले ने 100 नंबर पर कॉल करके शिकायत की, कि उसके जानकार एक अन्य पुलिसवाले ने उसके साथ 'गंदी हरकत' की है। आनन-फानन में दोनों पुलिसवालों को बाराखंभा रोड थाने ले जाया गया और वहां दोनों से लंबी बातचीत की गई, जिसके बाद बिना कोई केस दर्ज किए मामला रफा-दफा कर दिया गया।पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में शामिल दोनों पुलिसवाले सिपाही हैं और मेरठ के पास अलग-अलग कस्बों के रहने वाले हैं। दोनों 2008 बैच के सिपाही हैं और दोनों की ट्रेनिंग भी साथ ही हुई थी। दोनों ड्यूटी के लिए भी रोज मेरठ से ट्रेन में एक साथ ही दिल्ली आते-जाते थे। इनमें से एक सिपाही ट्रैफिक पुलिस में और दूसरा सिक्योरिटी विंग में तैनात है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह भी दोनों ट्रेन से एक साथ ही दिल्ली पहुंचे। शिवाजी ब्रिज स्टेशन पर उतरने के बाद बाहर आने पर दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों हाथापाई करने लगे। लोगों के समझाने-बुझाने पर दोनों का झगड़ा शांत हुए। इस घटना के कुछ देर बाद ट्रैफिक पुलिस में तैनात सिपाही ने मंडी हाउस इलाके से 100 नंबर पर कॉल करके पुलिस को शिकायत की कि उसके साथी पुलिसकर्मी ने उसके साथ गंदी हरकत की है। 
पीसीआर की गाड़ी मौके पर पहुंची, तो पुलिसकर्मी ने अपनी आपबीती बताई, जिसके बाद पीसीआर वालों ने थाने में कॉल करके हालात की जानकारी दी। इसके बाद कॉल करने वाले पुलिसकर्मी को बाराखंभा रोड थाने ले जाया गया, जहां उसने लिखित शिकायत भी दी। इसी बीच मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा, तो हड़कंप मच गया और तुरंत डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू हुई। दोनों पुलिसवालों को थाने में बैठाकर समझाया गया, जिसके बाद शिकायत करने वाले पुलिसकर्मी ने अपनी लिखित शिकायत वापस ले ली और कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। हालांकि तब तक यह खबर बाहर लीक हो चुकी थी। 
कॉल करने वाले पुलिसकर्मी का दावा था कि उसका साथी सिपाही लंबे समय से उसके साथ गंदी हरकत कर रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। दोनों के बीच गलतफहमी के चलते कुछ झगड़ा हुआ था, जिसके चलते गुस्से में यह कॉल की गई थी, मगर में बाद में मामला सुलझ गया और इसमें कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी। 

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