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25 Jan 2019

गणतंत्र दिवस के आसपास हर हाल में आतंकी हमले का था प्लान, दो अरेस्ट

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है।इनकी पहचान दिलावर और हिलाल के रूप में पुलिस ने की है। स्पेशल सेल का दावा है कि दोनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं और दिल्ली में रेकी करने के बाद ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। इनके पास से ग्रेनेड मिले हैं। दिलावर को दिल्ली से और हिलाल को घाटी से अरेस्ट किया गया। गिरफ्तारी तब हुई थी, जब सेल को सूचना मिली कि हाल ही में श्रीनगर में ग्रेनेड हमलों का मास्टरमाइंड और जैश का एक आतंकवादी गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाकों में इसी तरह के आतंकी हमलों की योजना बना रहा है।इसी सूचना पर दिलावर को 20-21 जनवरी की रात के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की एक टीम जम्मू-कश्मीर पहुंच गई और दो आईईडी/ ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एक अन्य आतंकवादी हिलाल को भी बांदीपोरा से गिरफ्तार किया। इस आतंकी मॉड्यूल के बारे में श्रीनगर पुलिस के साथ जानकारी साझा की गई, जिसके बाद जम्मू और कश्मीर में ग्रेनेड हमलों में शामिल आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। 
डीसीपी प्रमोद कुशवाह के मुताबिक, एसीपी अतर सिंह व इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम ने 20/21 की रात दिल्ली से अब्दुल लतीफ गनाई को पकड़ा था। इसके पास से एक पिस्टल व 25 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। दो रबर स्टैंप मिले हैं, जिनमें जैश के डिस्ट्रिक्ट कमांडर के नाम से थे। पूछताछ से पता चला कि उसने और उसके एक सहयोगी ने पांच जगहों की रेकी की थी, जहां भीड़भाड़ ज्यादा रहती है। इनका टारगेट था, गणतंत्र दिवस के आसपास हर हालत में एक आतंकी हमला करना।पूछताछ में यह भी पता चला कि श्रीनगर में हाल ही में जो ग्रेनेड हमले हुए हैं, उसका भी मास्टरमाइंड है। सूचना पर दिल्ली पुलिस की एक टीम श्रीनगर भेजी गई। वहां पर सूचना साझा की गई। पुलिस ने इसके घर से दो ग्रेनेड रिकवर किए। उसके सहयोगी हिलाल को भी गिरफ्तार कर लिया। हिलाल ने भी इन जगहों की रेकी की थी क्योंकि श्रीनगर व आसपास कई ग्रेनेड से आतंकी हमले किए थे जिसके बाद हैंडलर ने टारगेट दिया कि अब ऐसे हमले दिल्ली में जाकर कीजिए। इनकी गिरफ्तारी से बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई है। अब्दुल लतीफ गनाई के पिता मिलिटेंट रहे हैं। सेल का दावा है कि पाकिस्तान के टेररिस्ट अबू मास के लिए काम करते थे। अबू मास ने ही दर्जनों हैंड ग्रेनेड दिए थे। सारे टारगेट वीवीआईपी एरिया थे। जैश-ए-मोहम्मद का यह आतंकवादी मसूद अजहर की स्पीच से प्रभावित था। उनको अपना आदर्श मानता है। 

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