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17 Jan 2019

राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सदभावना विचार गोष्ठी का आयोजन में सम्मानित किये गये स्वतन्त्रता सेनानी, सेनानी विधवा एवं परिजन : बहराइच

बहराइच। जनपद के ज्ञात एवं अज्ञात विभूतिया महात्मा, संत, सदपुरूष जिन्होंने स्थानीय समाज में भाई चारे की भावनाओं को विकसित करने तथा विभिन्न सम्प्रदायों के बीच आपसी मेल मिलाप के माहौल को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है किन्तु धनाभावों के कारण उनको अपेक्षित पहचान न मिल पाई हो, ऐसे महानुभावों को याद किये जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकीकरण विभाग उ.प्र. शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन बहराइच के तत्वावधान में स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी विश्राम कक्ष में राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सदभावना विचार गोष्ठी का आयोजन सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा किया गया। जिसके मुख्य अतिथि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कंचन राम रहे।
विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि कंचन राम ने कहा कि जैसा कि आप और हम सभी जानते हैं कि भारत को आज़ादी दिलाने के लिए देश के तमाम ज्ञात-अज्ञात सेनानियों ने अपने प्राणों की आहूति दे दी है। विचार गोष्ठी के माध्यम से हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात अमर सेनानियों को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए बस इतना ही कहेंगे कि कोई सम्मान समारोह उनके साहस, त्याग, बलिदान और देश सेवा के आगे कुछ भी नहीं है। सम्मानित सेनानियों, सेनानी विधवा तथा उनके आश्रितों की उपस्थिति से विचार गोष्ठी की शोभा में इज़ाफा हुआ है। भारत की स्वधीनता और राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव का इतिहास वस्तुतः हमारे महान स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का इतिहास है। राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव के सहारे आज भारत दिन दूना रात चैगुना गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। अमर सेनानियों ने हमें जो राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव की विरासत सौंपी है आज हम सब का दायित्व है कि उसे अक्षुण्ण बनाये रखें।कार्यक्रम को वरिष्ठ सेनानी उत्तराधिकारी भानु प्रताप द्विवेदी एडवोकेट व आदित्य भान सिंह, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी परिषद के मंत्री रमेश कुमार मिश्र, समाजसेवी हामिद अली खाॅ इत्यादि लोगों ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आवाम के बीच एकता न होने के कारण ही भारत कई वर्षों तक गुलाम रहा। हमारी राष्ट्रीय एकता की ही ताकत है जिसके सहारे भारत आज विश्व के शक्तिशाली देशों में शुमार होता है। हमें अपनी एकता को अक्षुण्ण बनाये रखना होगा ताकि हमारे देश के विकास की गति अवरूद्ध और दिशाहीन न हो।
कार्यक्रम के अन्त में जिला स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी परिषद, बहराइच के अध्यक्ष वयोवृद्ध सेनानी रामेश्वर प्रसाद तिवारी ने सभी मौजूद लोगों को आशीर्वाद दिया। विचार गोष्ठी के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा सेनानी रामेश्वर प्रसाद तिवारी को खादी गमछा, कुर्ता, धोती एवं गाॅधी टोपी तथा जनपद के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित/विधवाओं कबूतरी देवी, चन्द्रकान्ती देवी, बेचाना देवी, सेवादासिन, शान्ति देवी, श्यामा देवी, एवं गीता देवी सहित 10 विधवा माताओं को स्वेटर एवं श्रीमती कुर्सिया बेगम को शलवार-कुर्ता एवं स्वेटर एवं पुष्पगुच्छ भेटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 35 सेनानी आश्रितों को गमछा एवं गाॅधी टोपी भेंट की गयी। इस अवसर पर सेनानी उत्तराधिकारी जमीला, लवकुश, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सेनानी आश्रित, अपर जिला सूचना अधिकारी गुलाम वारिस सिद्दीकी, सभाकान्त दुबे, ओम प्रकाश मिश्रा, अम्बिका प्रसाद व अन्य सम्बन्धित लोग मौजूद रहे। गोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के गायन से हुआ।

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