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6 Jan 2019

'आप' विधायक पर दंगे का केस चलाने का आदेश : नई दिल्ली

नई दिल्ली। अदालत ने मॉडल टाउन विधानसभा से ‘आप’ के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ साल 2013 के एक मामले में दंगे और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसाने पहुंचाने के आरोपों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। विधायक के साथ 17 दूसरे लोग भी इन्हीं आरोपों में मुकदमे का सामना करेंगे। स्पेशल जज अरुण भारद्वाज ने विधायक और 17 दूसरे लोगों के खिलाफ आईपीसी के तहत 8 अपराधों के आरोप तय करते हुए यह आदेश दिया। इसमें ज्यादातर आरोप घातक हथियारों के साथ दंगा करने, गैरकानूनी सभा और सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट डालने के लिए उसके साथ मारपीट से जुड़े हैं।मामले में कुल 21 आरोपियों में से 18 को दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने के कानून के तहत भी आरोपी ठहराया गया है। बाकी बचे तीन आरोपियों में से एक को अदालत ने बरी कर दिया, एक आरोपी फरार है और एक की मौत हो चुकी है। एक आरोप जिसे अदालत ने ड्रॉप किया है, वह है गैर इरादतन हत्या की कोशिश का। 
विधायक के साथ जिन लोगों के खिलाफ ये आरोप तय किए गए हैं-उनमें आकाश वर्मा, मलिक मोहम्मद फहाद, सूरज, सचिन, लाल बाबू, हरि चंद, सचिन गुप्ता, राधेश्याम, राहुल कुमार, मिथिलेश, विजय, संजीव, हिमांशु जैन, नरेश, सलमान, गीता, प्रेमपाल और कमल शामिल हैं। रमनदीप को अदालत ने बरी कर दिया। सोमवती की मौत हो जाने की वजह से उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही रोक दी गई। बचाव पक्ष के वकीलों में से एक एडवोकेट इरशाद ने बताया कि मामला सितंबर 2013 में मॉडल टाउन के पास त्रिपोलिया गेट पर विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस वक्त स्थानीय विधायक करण सिंह थे, जिनके इलाके में एक लड़की की रेप के बाद कथित रूप से हत्या कर दी गई थी। एडवोकेट ने बताया कि पीड़ित के घरवाले और दूसरे लोग पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। प्रदर्शन में ‘आप’ के कार्यकर्ता भी जुड़ गए। उनका दफ्तर प्रदर्शन वाली जगह के बिल्कुल पास में था। 

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