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29 Jan 2019

तुलसी निकेतन में ईडब्ल्यूएस वाले लोगों को मिलेंगे एलआईजी फ्लैट

गाजियाबाद। तुलसी निकेतन आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के कुल 2004 भवन बने हुए हैं। इन भवनों में रहने वाले लोगों को जीडीए अब एलआईजी फ्लैट देने की तैयारी कर रहा है। जीडीए वीसी का कहना है कि यदि कोई अभी ईडब्ल्यूएस भवनों में रह रहा है लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर है और वह एलआईजी भवन लेना चाहता है तो उसे इस योजना में एलआईजी फ्लैट लेने का पूरा मौका मिलेगा।जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने बताया कि तुलसी निकेतन के रहने वाले लोगों को जीडीए बेहतर सुविधाएं देना चाहता है। हमारी कोशिश है कि यहां रहने वाले लोगों को भविष्य में बहुत अधिक मेनटेनेंस की दिक्कत न झेलनी पड़े। मेनटेनेंस न हो पाने की वजह से ही इन फ्लैटों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। जिसकी वजह से इन्हें री-डिवेलप करवाना पड़ रहा है। बाकी योजनाओं में यदि भविष्य में जरूरत हुई तो वहां भी फ्लैटों को री-डिवेलप करवाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि एलआईजी का निर्माण कार्य शुरू करवाने से पहले यहां ईडब्ल्यूएस में रहने वाले लोगों को यह ऑफर दिया जाएगा। जितने लोग एलआईजी के लिए आवेदन करेंगे। उसी के अनुसार ही एलआईजी के अतिरिक्त भवनों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही उतने ही ईडब्ल्यूएस भवनों को कम कर दिया जाएगा।जीडीए वीसी के मुताबिक, इस प्रॉजेक्ट के तहत 2292 फ्लैट के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा सीवरेज, पानी, बिजली और नाली की सुविधा देने में करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस खर्च को जीडीए इस योजना की बाकी बची जमीनों को बेचकर पूरा करेगा। यहां पर जीडीए खुद ग्रुप हाउसिंग का निर्माण नहीं करेगा, लेकिन ग्रुप हाउसिंग के लिए बिल्डरों को जमीन की नीलामी की जाएगी।यहां रहने वाले 50 लोगों को सर्वे में शामिल किया जाए। ये लोग जीडीए के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त सर्वे करेंगे। इसमें पॉवर ऑफ अटॉर्नी समेत अन्य तरह के अधिकार पत्र के साथ रह रहे लोगों के डॉक्यूमेंट्स चेक किए जाएंगे। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी की स्ट्रेंथ की रिपोर्ट भी शामिल होगी। इसके बाद ही प्रस्ताव को बोर्ड में शामिल करके अप्रूवल लिया जाएगा।
फैक्ट फाइल
योजना का नाम : तुलसी निकेतन आवासीय योजना
योजना बनी : 1988
ईडब्ल्यूएस : 2004
एलआईजी : 244
पजेशन : 80 फीसदी

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