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8 Jan 2019

बहू ने खुले में शौच से किया इनकार तो प्रधान ने पूरे गांव में बनवा दिए 250 टॉइलट : गाजियाबाद

गाजियाबाद। खुले में शौच के खिलाफ बनी फिल्म 'टॉइलट एक प्रेमकथा' की तर्ज पर लोनी के निठौरा गांव की एक बहू ने खुले में शौच करने से इनकार कर दिया। दिल्ली की कोमल की जिद के आगे न सिर्फ उनके ससुरालवालों बल्कि प्रधान को भी झुकना पड़ा। प्रधान ने गांव में 250 शौचालय बनवा दिए हैं। टॉइलट बनने के बाद गांव के अधिकांश लोगों ने खुले में शौच करना बंद कर दिया है।निठौरा गांव में प्राइमरी स्कूल पहुंचीं नॉर्वे की पीएम ऐरना सोलबर्ग ने कोमल से मुलाकात की। उन्होंने गांव में हर घर में शौचालय बनाए जाने की पूरी कहानी सुनी।लोनी के इसी निठौरा गांव में सोमवार को नॉर्वे की प्रधानमंत्री ऐरना सोलबर्ग प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने गांव में शौचालय की मुहिम चलाने वाली बहू कोमल से भी मुलाकात की। उन्होंने कोमल के इस प्रयास की जमकर सराहना की और उनसे हाथ मिलाकर वेलडन भी कहा। 
शादी की अगली सुबह ही खुले में शौच से किया इनकार 
कोमल ने बताया कि जून 2017 में वह दिल्ली के दक्षिणपुरी से बादल कुमार के साथ शादी करके उनके गांव निठौरा आई थीं। गांव आकर उन्हें पता चला कि यहां सभी लोग शौच के लिए खेत में जाते हैं। शादी की अगली सुबह जब वह खुले में शौच करने गईं तो उस दौरान खेत पर कई किसान काम कर रहे थे। यह देख वह वापस लौट आईं। कोमल ने बताया कि मैंने उसी दिन तय कर लिया था कि खुले में शौच के लिए कभी नहीं जाऊंगी। 
पिता ने पति और ससुर को बताया तो हुआ समाधान 
कोमल ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को फोन कर बताया कि उन्हें गांव में खुले में शौच जाने में शर्म आती है, इसलिए घर में शौचालय बनवाया जाए। इसके बाद कोमल के पिता ने उनके ससुर और पति से बात की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अब हमारे घर से न केवल बहू बल्कि गांव की अन्य महिलाएं भी खुले में शौच करने नहीं जाएंगी।
प्रधान ने दिया साथ और बन गए 250 शौचालय 
कोमल के अनुसार, उनके पति और ससुर ने गांव के प्रधान से इस बारे में बात की। प्रधान ने बताया कि गांव में 250 शौचालय बनाने का प्रस्ताव लंबित है। इसके बाद उनके ससुर और पति प्रधान के साथ अफसरों से मिले, जिसके बाद गांव में 250 नए शौचालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया, जो अब बनकर तैयार हो चुके हैं। 
शौचालय बनने के बाद भी कर रहे खुले में शौच 
कोमल ने बताया कि गांव में अधिकांश घरों में शौचालय तो बन गए लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं खुले में शौच के लिए तड़के खेतों में जा रहे थे। इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि अब वह गांव में किसी को भी खुले में शौच नहीं करने देंगी। इसके बाद कोमल ने ग्राम प्रधान के सहयोग से महिलाओं की निगरानी कमिटी बनाई। कमिटी की महिलाएं रोज तड़के गांव में निकलती हैं और जो पुरुष या महिला खुले में शौच करते दिखती है, सीटी बजाकर उन्हें ऐसा करने से रोका जाता है। उन्होंने बताया कि इसका परिणाम यह हुआ कि अब गांव के सभी लोग खुले में शौच नहीं करते हैं। सभी ग्रामीण अपने घरों में बने शौचालय में ही शौच करते हैं। 
नॉर्वे की पीएम बोलीं, वेलडन कोमल! 
निठौरा गांव में प्राइमरी स्कूल पहुंचीं नॉर्वे की पीएम ऐरना सोलबर्ग ने कोमल से मुलाकात की। उन्होंने गांव में हर घर में शौचालय बनाए जाने की पूरी कहानी सुनी। उन्होंने कोमल की मुहिम की न केवल तारीफ की बल्कि उससे हाथ मिलकर कहा, वेलडन कोमल। 

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