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5 Dec 2018

सच सामने लाने के लिए एसआईटी तलाश रही इन सवालों के जवाब : बुलंदशहर हिंसा

मेरठ। बुलंदशहर के स्याना में कथित गोकशी को लेकर आंदोलन कर रही भीड़ क्या सुमित को गोली लगने के बाद हिंसक हुई थी? हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित को एक ही हथियार से गोली मारी गई थी? दोनों के शरीर से मिली गोली 0.32 कैलिबर की है? ये कुछ अहम सवाल हैं जिनका जवाब तलाशने में एसआईटी लगी हुई है। बुलंदशहर जिले में गोकशी की अफवाह के बाद सोमवार को हिंसा हुई थी, जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक छात्र सुमित की मौत हो गई थी। एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) आंनद कुमार के अनुसार, प्रथमदृष्टया सुमित भीड़ में शामिल था। उसे किसकी गोली लगी इसकी जांच एसआईटी कर रही है। वहीं पुलिस के आला अधिकारियों का मानना है कि इन सवालों के जवाब से ही घटना की हकीकत सामने आ पाएगी। स्याना की घटना को लेकर वायरल विडियो में साफ दिख रहा है कि सुमित को गोली लगने के बाद अचानक भीड़ हिंसक हो उठी थी। लोग गालियां देते हुए विडियो में अकेले दिखाई दे रहे एक पुलिसवाले पर सुमित को गोली मारने का आरोप लगाते हुए उस पर हमला करने की बात कह रहे हैं। 
वीएचपी के विभाग मंत्री गोपाल शर्मा का भी कहना है कि सुमित को गोली लगने के बाद ही वहां गोकशी का लेकर आक्रोशित लोग हिंसक हुए थे। उनके अनुसार इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित को एक ही हथियार से गोली मारी गई है। दोनों के शरीर से .32 कैलिबर की गोली मिली है। हालांकि शर्मा यह भी कहते हैं कि इसमें बजरंग दल का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था, उसे जबरन विवाद में घसीटा जा रहा है। वहीं पुलिस के आला अधिकारी एसआईटी जांच का हवाला देते हुए इस विषय में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। हालांकि ऑफ द रिकॉर्ड अधिकारी यह मानते हैं कि गोकशी को लेकर आंदोलित भीड़ अचानक हिंसक क्यों हो गई, इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित को लगी गोली क्या एक ही हथियार से चली थी, इन सवालों के जवाब एसआईटी तलाश रही है। दोनों के शरीर से निकली गोली एक ही कैलिबर की है, लेकिन इसकी अभी जांच की रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों का मानना है कि इन सवालों के जवाब से मिलने के बाद ही घटना की हकीकत सामने आ पाएगी। 

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