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13 Dec 2018

लोक कल्याणकारी राज्य का पराभव व दोषपूर्ण शिक्षा नीति विद्यार्थियों में अवसाद का बड़ा कारण : डॉ.आनन्द प्रकाश तिवारी

वाराणसी। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रभाल द्विवेदी की स्मृति में  व्याख्यानमाला का उदघाटन किया गया। मातेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज की ओर से "विद्यार्थियों में बढ़ता अवसाद: कारण व प्रबंधन" विषय पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं चिंतक डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य के पराभव के चलते सामाजिक स्तर पर निराशा एवं हताशा व्याप्त है जिसके प्रभाव से बच्चे भी अछूते नहीं है. आज के वैश्वीकरण युग में आकांक्षाएं उड़ान भर रही हैं और दोषपूर्ण शिक्षा नीति के चलते अपेक्षित उपलब्धि हासिल नहीं हो पा रही है। इस कारण युवा पीढ़ी कुंठा एवं अवसाद का  शिकार हो रही है। ऐसे में शिक्षकों एवं मनोवैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।मुख्य वक्ता व मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता प्रोफेसर संध्या ओझा ने कहा कि निसंदेह हम चहुमुंखी विकास की ओर अग्रसर हैं।अनेक क्षेत्रो में हमने आशातीत  सफलता पाई  है, किन्तु आज हमारे विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ साथ दूसरे क्षेत्रों में भी टॉप पर रहने की ललक, पारिवारिक दबाव, अच्छे प्लेसमेंट व पैकेज, संवादहीनता  इत्यादि के कारण ज्यादातर विद्यार्थी हताशा और अवसाद के शिकार हो रहे हैं ।इसे रोकने के लिए मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली अपनाने, आपसी बातचीत के साथ परिवार में समय देना आवश्यक है जिससे उनमें एकाकीपन दूर हो सके और वह सकारात्मक सोच के साथ अपना कार्य कर सकेl समारोह की अध्यक्षता करते हुए मनोवैज्ञानिक व दिव्यांग विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉक्टर कमालुद्दीन शेख ने कहा कि वर्तमान परिवेश में बढ़ते हुए अवसाद के चलते विद्यार्थी आत्महत्या तक करने लगे  हैंl ऐसी स्थिति में उनके आंतरिक एवं  वाह्य जगत के दबाओं  को समझना  आवश्यक है। 
 आज सामाजिक मीडिया एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी के अत्यधिक उपयोग के चलते युवा पीढ़ी वास्तविक जीवन व आभासी जीवन के अंतर को समझने में नाकाम हो रही है। आभासी जीवन को अत्यधिक महत्वपूर्ण समझने लगी है।  जिसके चलते व्यक्ति  स्वयं को एकाकी,असुरक्षित व असहाय महसूस करने लगा है हैl अतः अवसाद के कारणों का गहन विश्लेषण करते हुए यथोचित चिकित्सा व परामर्श द्वारा विद्यार्थियों के सामान्य व सक्रिय जीवन जीने में मदद की जा सकती है। कार्यक्रम के प्रारंभ में  संयोजक व मातेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री शिवेंद्र श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रस्तुत व्याख्यान अवसाद से ग्रस्त विद्यार्थीमन की भ्रांतियों एवं कठिनाइयों को समझने एवं इससे निजात दिलाने के उपाय सुझाएगा। विद्यार्थियों के निर्देशन एवं परामर्श से जुड़े अभिषेक कुमार मिश्र ने कहा कि गला काट प्रतिस्पर्धा के दौर में अभिभावक बच्चों पर अपनी महत्वाकांक्षाओं का बोझ न डालें, उन्हें समय दें तथा उनके मनोभावों को समझें।   कार्यक्रम में डॉ. श्वेता मिश्रा, डॉक्टर प्रतिमा मौर्य, सिद्धार्थ शंकर ओझा के साथ शिक्षक व विद्यार्थी  उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में इफ्तेखार अहमद ने सब का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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