Latest News

5 Dec 2018

दिव्यांगो के सशक्तिकरण के साथ ला इंटिमो मनाएगा अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस : नई दिल्ली

नई दिल्ली। भारत का पहला प्रीमियम इनरवियर ब्रांड ला इंटिमो हमेशा से ही दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है।इन्हीं प्रयासों को आगे ले जाते हुए अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस - 3 दिसंबर को ला इंटिमो दिव्यांगों  के सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कदम बढ़ाएगा बीते कुछ सालों में ला इंटिमो ने सफलता की कई कहानियाँ लिखी हैं | ला इंटिमो सिर्फ कहने में नहीं बल्कि करने में विश्वास रखता है । यही कारण है कि जब सब दिव्यांगों के लिए कुछ करने की बात कर रहे थे तब ला इंटिमो ने सौरव गुप्ता को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाकर न सिर्फ एक मिसाल कायम की बल्कि सबको चौंका दिया सौरव महज 15 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट के बाद पैरालाइज़ हो गए थे और अपने मॉडल बनने के सपने से दूर हो गए थे लेकिन सौरव ने अपने शारीरिक अक्षमता को अपने सपने के बीच नहीं आने दिया ।ये उनकी कठिन मेहनत का ही नतीजा है कि आज वो ना सिर्फ एक मॉडल हैं बल्कि ला इंटिमो के ब्रांड एम्बेसडर भी हैं । सौरव ने अपनी मेहनत से ये साबित किया की जिद के आगे जीत है और वो 'स्टबॉर्न सोल्स' (कभी हार न मानने वाले) के जिवंत उदाहरण हैं ।रव ने अपनी सफलता से ये साबित किया  है कि विकलांगता सिर्फ एक मनोदशा मात्र है। विकलांग और फैशन? यह जोड़ी आपको भी थोड़ी अजीब लग सकती है ।लेकिन ला इंटिमो यहाँ हमारे समाज की सोच पर प्रश्न उठाने या किसी को कुछ सीखने की कोशिश नहीं कर रहा है यह न सिर्फ फैशन-जगत के लोगो बल्कि सबसे यह अपील करना चाहता है हमें शारीरिक और मानसिक - दोनों ही रूप में सामान्य व्यक्तियों से परे भी अपनी सोच को बढ़ाना चाहिएला इंटिमो का यह प्रयास है की दिव्यांग-व्यक्तियों को रैंप पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिले। यह अभी सिर्फ इस बात की शुरुआत है की हम फैशन और विकलांगता को साथ साथ कैसे देखते है | हम अपने इस पहल के साथ फैशन-जगत में भी इस विचारधारा का संचार करना चाहते है । हम उम्मीद करते है की फैशन डिज़ाइनर्स और अन्य लोग इस दिशा में आगे कदम बढ़ायेंगे और दिव्यांगों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका देंगे।दिव्यांग-लोगो को अपनी क्षमता की साबित करने की ज़िद होती है और उन्हें सिर्फ एक मौका चाहिए होता है ।हमारा प्रयास सिर्फ ऐसे 'स्टबॉर्न सोल्स' को सहानुभूति देना नहीं बल्कि उन्हें जीवन में वित्तीय स्थिरता हासिल करने में सहायता करना भी होना चाहिए | हमारी शारीरिक विकलांगता हमारे सपनो को प्रभावित नहीं करनी चाहिए । समय आ गया है की हम 'स्टबॉर्न सोल्स' जैसे शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग, एसिड हमलों के शिकार, दृष्टिहीन, बधिर और अन्य विकलांगता से जूझते लोगो की आगे बढ़ने में मदद करें
फैशन एक मनोभाव है । अगर कोई अपने शारीरिक अक्षमता के बावजूद डिज़ाइनर कपड़े पहनता है तो वह अपनेआप में एक अलग अनुभव प्रदान करता है ।3 दिसंबर को लोदी रोड स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर के जुनिपर हॉल में आपको एक ऐसे ही बदलाव का साक्षी बनने के लिए ला इंटिमो आपको आमंत्रित करता हैं  दोपहर के 2.45 पर शुरू हो रहे इस कार्यक्रम में आप 'स्टबॉर्न सोल्स' से जुड़ी सफलता की न सिर्फ नई कहानियाँ देखेंगे बल्कि ऐसे कई बदलावों के साक्षी भी बनेंगे जो सिर्फ ला इंटिमो के अविश्वसनीय प्रतिबद्धता के कारण ही संभव हो पाए हैं2011 में बना ला इंटिमो भारत का पहला प्रीमियम इंटिमेट वियर ब्रांड है जो कि सिर्फ पुरुषों को ध्यान में रखकर बनाया गया था पर पिछले कुछ सालों में इसने महिलाओं के लिए भी उत्पादन करना शुरू किया है ला इंटिमो का फोकस हमेशा प्रीमियम इंटिमेट इनरवियर बनाने पर ही रहा है अपने 'स्टबॉर्न सोल्स ऑन द रैंप' पहल के साथ ला इंटिमो ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जो इंसान के रूप और रंग से ऊपर उठकर उनकी मुस्कुराहटों में खूबसूरती देखता है यह प्रयास एक ऐसे समाज का निर्माण चाहता है जिसमें लोग दिव्यांगों के प्रति सिर्फ सहानुभूति ही ना रखें बल्कि उन्हें सामान अवसर प्रदान करते हुए समाज में उनके समावेश पर भी बल दें

No comments:

Post a Comment