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26 Dec 2018

ऑपरेशन के दौरान मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा, डॉक्टरों ने निकाला ब्रेन ट्यूमर : राजस्थान

जयपुर। अमूनन जब किसी मरीज का ऑपरेशन चल रहा होता है, तो उनके तीमारदार बाहर बैठकर प्रार्थना या किसी धार्मिक जाप कर सलामती की दुआ करे हैं, लेकिन यहां खुद मरीज ही ऑपरेशन के दौरान 3 घंटे तक हनुमान चालीसा पढ़ता रहा। मामला राजस्थान के बीकानेर का है, जहां एक शख्स की ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी होनी थी।बीकानेर के डूंगरगढ़ निवासी 30 साल के अकाउंटेंट पहले काफी घबराए हुए थे जब डॉक्टरों ने उन्हें बिना बेहोश किए ब्रेन सर्जरी करने की सलाह दी। बाद में डॉक्टरों के काफी सुझाव देने के बाद वह मान गए। उन्हें लोकल ऐनिस्थीसिया दिया गया ताकि उन्हें शारीरिक असहजता या दर्द न महसूस हो। न्यूरो सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. केके बंसल ने कहा, 'उन्हें ब्रेन के एक हिस्से में एक ट्यूमर था जिससे उन्हें बोलने में दिक्कत होती है। सर्जरी काफी क्रिटिकल थी क्योंकि किसी हिस्से में डैमेज से बोलने की क्षमता में खतरा हो सकता था। हमने उन्हें बेहोश न रखने का फैसला किया और सर्जरी के दौरान हम उससे बात करते रहे। वह हर समय हनुमान चालीसा पढ़ते रहे।' डॉक्टर ने बताया कि यह इसलिए किया गया ताकि सर्जरी के दौरान ब्रेन का वह हिस्सा जो आवाज को नियंत्रित करता है वह डैमेज न हो। इस वजह से उनका लगातार हनुमान चालीसा पढ़ते रहना काफी मददगार रहा।' उन्होंने कहा, 'हमने ध्यान से ऑपरेशन किया जो सफल रहा और ट्यूमर निकाल दिया गया।' 
मरीज को पिछले तीन महीने से मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे। इसके बाद डॉक्टरों ने उसकी बायॉप्सी की और सामने आया कि उन्हें ग्रेड 2 ब्रेन ट्यूमर है। जयपुर के डॉक्टर सर्जरी के लिए राजी हो गए और दावा किया जा रहा है कि यह वहां की पहली सर्जरी है। इस टेक्नीक को अवेक क्रैनियोटॉमी कहा जाता है। 

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