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24 Dec 2018

नेताओं में चले लात-घूंसे, हंसने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड : देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक पुलिसकर्मी को सिर्फ हंसने के लिए सस्पेंड कर दिया गया। गत 19 दिसंबर को देहरादून में विपक्षी पार्टी के मुख्यालय के सामने बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता राफेल मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाना शुरू कर दिया। इस घटना को देखकर वहां मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर कथित तौर पर हंस दिया, जिसके बाद उसे शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, 19 दिसंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य कुमारी शैलजा राफेल सौदे पर राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही थीं। इस प्रेस कॉन्फेंस को रोकने के लिए बीजेपी कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस मुख्यालय में कथित तौर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात बिंदाल पुलिस चौकी के सब-इंस्पेक्टर शांति प्रसाद को हंसते देखा गया। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने  बताया कि झड़प के दौरान ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के लिए पुलिसकर्मी को शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'उन्हें खड़ा देखा गया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग को तोड़ रहे थे। उन्हें ड्यूटी के दौरान लाहरवाही बरतने के लिए सस्पेंड किया गया है।' वहीं सब-इंस्पेक्टर शांति प्रसाद ने  बताया कि गुरुवार से ही वह छुट्टी पर हैं और उन्हें सस्पेंड क्यों किया गया है, इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। इस बीच, पुलिस ने 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (बलवा करने के लिए दंड), धारा 332 (लोक सेवक अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत केस दर्ज किया है।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले में जानबूझकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष लाल चंद शर्मा ने कहा, 'पुलिस ने हंसने और बीजेपी कार्यकर्ताओं को बैरिकेड तोड़ने देने के लिए एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। लेकिन उन्होंने मौके पर बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर आंखें बंद कर लीं।’ इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने एडीजी(लॉ ऐंड ऑर्डर) के साथ-साथ राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद ही शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई थी। 

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