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18 Dec 2018

प्लेन के अंदर हार्ट अटैक, इंदौर के डॉक्टर ने 'देवदूत' बन बचाई जान : मध्यप्रदेश

इंदौर। 14 दिसंबर की रात को इंदौर के डॉक्टर अखिलेश दुबे और चेन्नै के अनंतरमन ने इंडिगो की फ्लाइट पकड़ने का इंतजार करने से पहले एक ही रास्ता पार किया होगा। अनंतरमन को उस वक्त बिल्कुल भी अंदाजा नहीं रहा होगा कि एक घंटे बाद ही 35,000 फीट की ऊंचाई पर उनकी जिंदगी की डोर डॉ. दुबे के हाथों में होगी।  
इंदौर-चेन्नै इंडिगो फ्लाइट में यात्रा करते हुए रात में करीब 9.10 बजे अनंतरमन को हार्ट अटैक आया और वह अपनी सीट पर अचेत हो गए। उनके बगल की सीट पर बैठे शख्स ने अलार्म बजाकर केबिन क्रू को जानकारी दी। इसके बाद विमान में अनाउंसमेंट किया गया कि फ्लाइट में कोई डॉ. मौजूद हो तो उसकी मदद चाहिए। इस पर डॉ. दुबे ने अपना हाथ उठाया और उन्हें मरीज के पास ले जाया गया।इंदौर में फिजिशन डॉ. दुबे ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हम हैदराबाद पार कर चुके थे और चेन्नै की ओर बढ़ रहे थे तभी वह शख्स अचानक बेसुध हो गया।' उन्होंने पाया कि सहयात्री की नब्ज नहीं चल रही है और वह सांस नहीं ले पा रहे हैं। डॉ. ने बताया, 'अनंतरमन का शरीर ठंडा पड़ चुका था। मैंने उनकी सीट बेल्ट को अलग किया और विमान के फर्श पर लिटाकर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन) देना शुरू किया।' 
डॉ. दुबे ने उन पलों को याद करते हुए कहा, 'डेढ़ मिनट के सीपीआर के बाद अनंतरमन की नब्ज चलने लगी और उन्होंने सांस लेना भी शुरू कर दिया।' डॉ. ने बताया, 'रमन को हल्का बुखार भी था। जब वह होश में आए तो मैंने उनका नाम जाना और यह भी पूछा कि वह डायबीटीज या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित तो नहीं हैं।' डॉ. की सलाह पर पायलट ने चेन्नै में प्रायॉरिटी लैंडिंग की इजाजत मांगी, जिसे मान लिया गया। फ्लाइट के लैंड होने से पहले ही एक ऐम्बुलेंस एयरपोर्ट पर इंतजार कर रही थी। विमान से उतारकर अनंतरमन को एक अस्पताल लाया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वह इंदौर में एक शादी में शामिल होने आए थे और चेन्नै वापस जा रहे थे। विमान में अनंतरमन के लिए देवदूत बनकर आए डॉ. दुबे तिरुपति जा रहे थे। 

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