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28 Dec 2018

नबाब मोहम्मद खाँ बंगश के मकबरे पर की गई चादर पोशी : फर्रुखाबाद

अरुण कुमार सिंह,(फर्रुखाबाद)।नबाब मोहम्मद खां बंगश ने 27 दिसंम्बर 1714 को "शहर ए फर्रुखाबाद" को बमटेला नामक टीले पर बसाया था। फर्रुखाबाद की स्थापना दिवस पर फर्रुखाबाद शहर के पश्चिम में "हयात बाग" स्थित नबाव मोहम्मद खां बंगश के शानदार मकबरे पर खानदान के चश्मोंचिराग नबाब काजिम हुसैन खां की सदारत में एवं मेहमाने खसूसी, श्री राम अक्षयवर चौहान, नगर मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद की गरिमामयी उपस्थित में उनकी कब्र पर चादर पोशी एवं गुलपोशी की गई । जिसमे अनुसूचित जाति एवं अनु.जनजाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व सूबेदार राकेश कुमार सागर एवं उनकी समिति के सम्मानित सदस्यों को फर्रुखाबाद के संस्थापक नबाब मोहम्मद खां बंगश की कब्र पर चादरपोशी एवं गुलपोशी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।  मौलाना पप्पन मियां ने मेहमांनों सहित समिति के सदस्यों/प्रमुख हस्तियों  का सर पर पगड़ी बांध कर स्वागत किया ।  इसी मकबरे में स्थति उनके पुत्र नबाब कायम खां बंगश की कब्र पर भी चादरपोशी व गुलपोशी की गई नबाब मोहम्मद खां बंगश के पुत्र नबाब कायम खां जिनके नाम पर नबाब मोहम्मद खां बंगश ने फर्रुखाबाद को बसाने से पहले कायमगंज बसाया था तथा अपने नाम से मोहम्मदाबाद को वह पहले ही बसा चुके थे।  पहले मोहम्मदाबाद को अपने नाम पर और बाद में पुत्र कायम खां के नाम कायमगंज को बसाए जाने की खबरें जब बादशाह फर्रुखशियर के पास दिल्ली पहुंची और वह नाराज हुए तब उनकी नाराजगी से बचने हेतु नबाब मोहम्मद खां बंगश ने 27 दिसम्बर के दिन "शहर ए फर्रुखाबाद" को बसाया था जिसमें नौ शानदार दरवाजे थे जिसमें से आज एक गंगा दरवाजा ही बचा है। नबाब मोहम्मद खां बंगश के मकबरे सहित में शहर के आस पास ही अन्य कई ऐतिहासिक स्थल है जो बेहद ही जीर्ण शीर्ण स्थति में हैं जिन्हें आज बचा कर फर्रुखाबाद के इतिहास को बचाने की जरूरत है ।

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