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30 Nov 2018

रास्ते में मंदिर, माहवारी में पांच दिन स्कूल जाना बंद : उत्तराखंड

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में रौतगढ़ा गांव है। इस गांव की लड़कियों को हर महीने माहवारी के दौरान पांच दिन स्कूल जाने से रोक दिया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन बच्चियों के स्कूल और गांव के रास्ते में एक मंदिर पड़ता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि माहवारी के दौरान अगर महिलाएं या लड़कियां उधर से गुजरीं तो मंदिर अपवित्र हो जाएगा। इस गांव का हाल यह है कि कई माता-पिता ने अपनी बच्चियों को अच्छी शिक्षा के लिए पास के शहरों और कस्बों में अपने रिश्तेदारों के पास रहने के लिए भेज दिया है। मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन ने बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग कराने को कहा है कि वे बच्चियों को माहवारी के दौरान स्कूल जाने दें। 
रास्ते में चामू देवता का मंदिर
एनजीओ महिला मंच की टीम इस गांव पहुंची। टीम लीडर उमा भट्ट ने बताया कि गांव में लड़कियों ने उनसे बात के दौरान बताया कि वे सैल गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में पढ़ती हैं। हर महीने के पांच दिन उन्हें अपनी क्लासेस छोड़नी पड़ती हैं। स्कूल जाने के रास्ते में स्थानीय देवता चामू देवता का मंदिर पड़ता है। उनके समुदाय के लोग उन्हें इन दिनों उधर से गुजरने से रोकते हैं। स्कूल की टीचर ने बताया कि वे लड़कियों की काउंसलिंग करती हैं कि वे स्कूल आना न छोड़ें लेकिन उनके माता-पिता उनके ऊपर दबाव बनाते हैं। माता-पिता से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अगर वे माहवारी के समय लड़कियों को स्कूल भेजेंगे तो उनका समुदाय उन्हें बहिष्कृत कर देगा इसलिए वे लोग उन्हें ऐसे समय में स्कूल जाने की अनुमति नहीं दे सकते।स्कूल की एक पूर्व शिक्षिका ने बताया कि यहां के लोग बहुत ही संकरी मानसिकता के हैं। हम लोगों ने उनके बीच जागरूकता के लिए कई बार प्रयास किए लेकिन वे लोग अपने रीति-रिवाज की बात कहकर पीछे हट जाते हैं। बच्चों के माता-पिता कहते हैं कि वे किसी भी हालत में उनके रिवाजों को नहीं तोड़ सकते। 

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