Latest News

29 Nov 2018

सीएम योगी ने हनुमान को बताया दलित- नाराज ब्राह्मण समाज ने भेजा नोटिस, कहा- मांगे माफ़ी : उत्तर प्रदेश

राजस्थान। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी चुनावी रणनीति में राम भक्त हनुमान को भी शामिल कर लिया है । उन्होंने बुधवार को राजस्थान के अलवर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हनुमान जी दलित आदिवासी, वनवासी और वंचित थे। हालांकि अब उनके इस बयान पर हंगामा मच गया है. कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने उनको घेरा है। साथ ही सर्व ब्राह्मण महासभा ने तो हनुमानजी को जातियों में बांटने का आरोप लगाते हुए योगी को कानूनी नोटिस भेजा है।सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने वकील के माध्यम से योगी को भेजे नोटिस में तीन दिन में माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि योगी माफी नहीं मांगते हैं तो फिर वह कानूनी कदम उठाएंगे। ब्राह्मण समाज आंदोलन भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि हनुमानजी की पूजा पूरे विश्व में होती है। उनके प्रति ङ्क्षहदू समाज की गहरी आस्था है। ऐसे में उन्हें दलित और आदिवासी बताकर जातिगत सियासत का कार्ड खेलना शर्मनाक है। इससे ङ्क्षहदू समाज की भावना आहत हुई है।एक मीडिया पोर्टल के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में रामभक्त बीजेपी को वोट दें और रावण भक्त कांग्रेस को वोट दें।| वहीं भरतपुर में योगी ने कहा कि बीजेपी ही औरंगजेब जैसे लोगों से रक्षा कर सकती है इसलिए राम राज्य लाने के लिए बीजेपी के उम्मीदवार को जिताएं । सीएम योगी ने यह भी कहा कि हनुमान ने पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक सबको जोड़ने का काम किया। उन्होंने चौपाइयों के जरिए वोटरों को अपने पक्ष में वोट करने के लिए भी कहा ।
यह पहली बार नहीं है जब सीएम योगी ने भगवान हनुमान का नाम लेकर वोट मांगे हों । इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने छत्तीसगढ़ में दावा किया था कि हनुमान दलित थे ।उन्होंने कहा था कि हनुमान सबसे बड़े आदिवासी हैं, वनवासी हैं । जब भगवान राम वनवास पर थे तब उन्होंने स्थानीय आदिवासियों को राक्षसों के आतंक से मुक्ति दिलाई थी । जिस तरह राम ने यह काम त्रेतायुग में किया था, उसी तरह बीजेपी अपने राज में रामराज लाने की कोशिश कर रही है।

No comments:

Post a Comment