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1 Nov 2018

परिवार ने कहा, 'सरदार पटेल का कद अब ऊंचा हो गया' : स्टैचू ऑफ यूनिटी

अहमदाबाद। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैूच ऑफ यूनिटी का अनावरण हो गया है और आज से यह आम लोगों के लिए खुल गया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिमा के अनावरण के साथ सरदार वल्लभ भाई पटेल के संयुक्त परिवार के पुनर्मिलन का काम किया है, जिनकी याद में इस विशाल प्रतिमा का निर्माण हुआ है। परिवार के सदस्य देश -दुनिया के अलग-अलग कोने से यहां आकर इकट्ठा हुए थे।सरदार पटेल के इस संयुक्त परिवार में सबसे बड़े उनके पड़भतीजे 90 साल के धीरूभाई पटेल हैं वहीं सरदार पटेल के परिवार की पांचवीं पीढ़ी के रूप में 16 साल की तनीशा पटेल सबसे कम उम्र की हैं। सरदार पटेल के संयुक्त परिवार में करीब 35 सदस्य हैं जो अब अलग-अलग जगह- वल्लभ विद्यानगर, आणंद, वडोदरा, अहमदाबाद, मुंबई और कनाडा से यहां आए थे। इस दौरान सरदार पटेल के परपोते गौतम पटेल, उनकी पत्नी नंदिनी और उनका यूएस बेस्ड बेटा केदार लाइमलाइट से दूर ही नजर आए। 
'सरदार के साथ न्याय नहीं हुआ था' 
सरदार पटेल की सास के संबंधी डॉ. आशुतोष पटेल ने बताया, 'पिछली बार हम सभी साथ में 2003 में आए थे जब करमसद में मौजूद सरदार पटेल ट्रस्ट को बिपिनभाई पटेल से भारत रत्न मिला था। इस दौरान पूर्व उपप्रधानमंत्री एलके आडवाणी और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।' सरदार पटेल के वडोदरा में बसे पड़भतीजे धीरूभाई कहते हैं, 'हम हमेशा महसूस करते थे कि सरदार के साथ न्याय नहीं हुआ। वह भारत के पहले प्रधानमंत्री बनने से चूक गए थे, क्योंकि गांधी जी ने नेहरू के नाम पर सहमति जताई थी। सौभाग्य से, अब नेहरू का दूसरा पहलू उजागर हो रहा है और सरदार ऊंचाइओं को छू रहे हैं।' वह कहते हैं, 'हम इसका श्रेय मोदी जी को देते हैं।' वह आगे कहते हैं कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने सरदार पटेल के संबंधी होने के नाम पर अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए कभी कोई लाभ नहीं उठाया। धीरूभाई की मुंबई निवासी बेटी 61 साल की मालिनी पटेल जिनके दो बेटे यूएस में रहते हैं, वह भी अपने पिता की बात से सहमत नजर आती हैं। वह कहती हैं, 'मेरे दादा जी को सरदार पटेल ने ही पाला था। मैं बहुत खुश हूं क्योंकि सरदार वाकई इसके योग्य हैं। वह भारत के सच्चे आर्किटेक्ट हैं। वास्तव में मेरे लिए वह राष्ट्रपिता की तरह हैं।' मालिनी हाल ही में फंक्शन में शामिल होने के लिए यूएस से लौटकर आई हैं। वह कहती हैं, 'वह बहुत अच्छे सैनिक थे जो अपनी कमांडर की बात पर आंख बंदकर भरोसा करते थे। राजनीति उनके लिए कभी बिजनस नहीं रही।' सरदार पटेल के संयुक्त परिवार के एक अन्य सदस्य धीमन पटेल कहते हैं, 'हम सरदार पटेल की इतनी बड़ी प्रतिमा देखकर बहुत खुश हैं। अब सरदार के उस योगदान को जिसे सालों से तरजीह नहीं दी गई थी, उसे दुनियाभर में जाना जाएगा।' 

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