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30 Nov 2018

पीएम मोदी ने हिंदुस्तान को अंबानी-अडाणी में बांटा : राहुल गांधी

नई दिल्ली। कृषि संकट से निपटने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंचकर कांग्रेस अध्यश्र राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। राहुल ने कहा है कि अगर पीएम मोदी अपने 15 सबसे अमीर दोस्तों का कर्जा माफ कर सकते हैं तो उन्हें देश के करोड़ों किसानों का कर्जा भी माफ करना होगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश को अंबानी-अडाणी के बीच में बांट दिया है। बता दें कि शुक्रवार को किसानों के प्रदर्शन में एक बार फिर विपक्ष ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। राहुल गांधी, केजरीवाल, शरद यादव, सीताराम येचुरी समेत देश के तमाम विपक्षी दलों के नेता एकजुटता दिखाते हुए मौजूद रहे। राहुल गांधी के बाद किसानों को संबोधित करते हुए दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर किसानों की नहीं सुनी गई तो वे 2019 में मोदी सरकार के खिलाफ देशभर में कयामत ढा देंगे। वहीं, किसानों के आंदोलन में शामिल होने पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि अगर अगर 15 लोगों का कर्जा माफ हो सकता है तो हिंदुस्तान के करोड़ों किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा। राहुल ने कहा, 'किसान कोई फ्री गिफ्ट नहीं मांग रहा, अपना हक मांग रहा है। पीएम ने वादा किया था बोनस का, एमएसपी का। आप बीमा का पैसा देते हो, अनिल अंबानी की जेब में जाता है। किसान ये भी नहीं चुन सकता कि कौन सा बीमा ले। मोदी ने हिंदुस्तान को बांट रखा है, कहीं अंबानी को कहीं अडाणी को।' 
'अगर पीएम बदलना पड़े तो वह भी बदलेंगे' 
राहुल गांधी यही नहीं रुके। उन्होंने राफेल डील पर अपने पुराने आरोपों के संदर्भ में कहा, 'हिंदुस्तान का किसान मोदीजी से अनिल अंबानी का हवाई जहाज नहीं मांग रहा है। किसान पूछ रहा है कि अगर अनिल अंबानी को वायुसेना का पैसा दे सकते हो, 15 अमीर मित्रों का कर्जा माफ कर सकते हो तो हमारा भी माफ करो।' राहुल ने विपक्षी एकता की बात करते हुए कहा, 'हम सब की विचारधारा अलग है, लेकिन किसान और युवाओं के लिए हम एक हैं। चाहे कानून बदलना पड़े, सीएम बदलना पड़े, या पीएम बदलना पड़े, हम बदलेंगे। पूरे देश से हिंदुस्तान के किसान और युवाओं की आवाज है, जिसे आप चुप नहीं कर सकते।' 
'मोदी के मुंह से देश के 15 अमीर लोगों की आवाज निकलती है' 
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर एक बार फिर केवल बड़े उद्योगपतियों का फेवर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'मोदीजी के मुंह से हिंदुस्तान के सबसे 15 अमीर अनिल अंबानी जैसे लोगों की आवाज निकलती है। पांच साल पहले हम सबने कहा था कि अगर कोई सरकार हिंदुस्तान के किसान का अपमान करेगी, हिंदुस्तान के युवाओं का अपमान करेगी तो उस सरकार को हिंदुस्तान हटा कर रहेगा। आप देश को भोजन देते हो। आप चार बजे सुबह उठकर देश को अपना खून-पसीना देते हो। इस देश को कोई एक व्यक्ति नहीं चलाता है। कोई एक पार्टी नहीं चलाती है। इस देश को किसान, मजदूर, छोटे व्यवसायी चलाते हैं।'राहुल गांधी के बाद आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में मोदी सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा, 'मोटे तौर पर तीन मांगें समझ में आती हैं। जितना कर्ज किसानों का है वह सारा कर्ज माफ होना चाहिए। किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिलना चाहिए। जो वादा किया गया था स्वामीनाथन आयोग का उसे लागू किया जाना चाहिए। किसानों को भीख नहीं चाहिए, किसान अपना हक मांग रहे हैं। सरकारें एमएसपी निर्धारित कर देती हैं लेकिन इस दाम पर कोई नहीं खरीदते। किसान की फसल बर्बाद हो जाए तो सरकार ने जो फसल बीमा है योजना बनाई है यह फ्रॉड है, किसानों के साथ धोखा है। वह बीजेपी की किसान डाका योजना है बीजेपी की। इस बीमा योजना को बंद करो, 3 साल से जितने पैसे लिए हैं किसानों के उसे वापस करो। इसकी जगह किसान मुआवजा योजना लाओ।' 
केजरीवाल ने कहा, 'हमने दिल्ली के किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेअर के हिसाब से मुआवजा दिया। भारत की किसी सरकार ने ऐसा नहीं किया था। अगर दिल्ली सरकार कर सकती है तो क्या मोदी सरकार नहीं कर सकती? जितनी चिंता अंबानी अडाणी की रहती है उसका 10 प्रतिशत किसानों की चिंता कर लो। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो अगली बार वोट भी अंबानी-अडाणी से ही मांगना।बता दें कि कृषि संकट से निपटने के लिये कानून बनाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार से डेरा डाले देशभर से आए हजारों किसानों की शुक्रवार को संसद मार्च की कोशिश की। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें कुछ पहले ही रोक दिया है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले रामलीला मैदान से संसद मार्च कर रहे किसान आंदोलनकारी अब संसद मार्ग थाने पर ही सभा कर रहे हैं। आंदोलन का समर्थन कर रहे लगभग दो सौ किसान एवं सामाजिक संगठनों और 21 राजनीतिक दलों के नेता संसद मार्ग थाने पर किसानों के बीच मौजूद रहे। 

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