Latest News

5 Oct 2018

S-400 डील के बाद अमेरिका के बदले तेवर : राष्ट्रीय


नई दिल्ली। अमेरिका भले ही रूस से रिश्तों को लेकर दुनियाभर के देशों को धमकियां देता रहा हो पर शुक्रवार को भारत के बहुचर्चित S-400 डील फाइनल करने के बाद उसके सुर बदल गए। अमेरिका ने अपने तेवर नरम करते हुए कहा कि उसकी ओर से लगाए जानेवाले प्रतिबंध वास्तव में रूस को दंडित करने के लिए है। आपको बता दें कि डील होने के कुछ घंटे बाद ही अमेरिकी दूतावास की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई। नई दिल्ली स्थित दूतावास ने साफ कहा कि US प्रतिबंधों का मकसद हमारे सहयोगी देशों की सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय भारत दौरे पर हैं। शुक्रवार को भारत ने अमेरिका की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए रूस के साथ बहुप्रतीक्षित S-400 एयर डिफेंस सिस्टम डील फाइनल कर दी। माना जा रहा था कि डील फाइनल होने के बाद अमेरिका की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है, लेकिन US दूतावास की ओर से कूटनीतिक बयान दिया गया है। भारत और रूस के बीच शुक्रवार को स्पेस सहयोग समेत 8 बड़े समझौते भी हुए हैं।अमेरिका ने काफी संभलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का उसका मकसद अपने सहयोगियों या पार्टनर्स की सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाना नहीं है। अमेरिका ने यह भी साफ कर दिया कि कोई भी रियायत या छूट पर विचार हर ट्रांजैक्शन के आधार पर होगा और इसका पहले ही अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। यह पूछे जाने पर कि भारत पर ऐंटी-रूस प्रतिबंधों का क्या असर होगा? अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'अमेरिकी कानून CAATSA के सेक्शन 231 पर विचार हर एक ट्रांजैक्शन के आधार पर होगा। CAATSA को लागू करने का हमारा मकसद रूस के घातक व्यवहार के लिए उसे दंडित करना है। इसमें रूस के डिफेंस सेक्टर में फंड फ्लो को रोकना भी शामिल है।' 
यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। S-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है। 

No comments:

Post a Comment