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23 Oct 2018

सांसदों के वेतन का मुद्दा उठाया तो पीएमओ से फोन आ गया: वरुण गांधी

भिवानी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को खुलासा किया कि जब उन्होंने सांसदों की संपत्ति और वेतन वृद्धि को लेकर सवाल उठाए तो उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से फोन आया और कहा गया कि आप हमारी मुसीबत क्यों बढ़ा रहे हैं। बता दें कि पिछले कुछ समय से वरुण और बीजेपी के संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। अंदरखाने तो यह भी खबर है कि इस बार या तो बीजेपी वरुण का पत्ता काट देगी या वरुण ही बीजेपी छोड़ देंगे। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से सांसद वरुण गांधी ने मंगलवार को हरियाणा के भिवानी में आदर्श महिला कॉलेज में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं बार-बार सांसदों के वेतन में वृद्धि और संपत्ति का ब्योरा नहीं देने को लेकर आवाज उठाता हूं। हर वर्ग के कर्मचारी अपनी मेहनत और ईमानदारी के हिसाब से वेतन बढ़वाते हैं लेकिन पिछले 10 सालों में सांसदों ने अपना वेतन सात बार केवल हाथ उठवाकर बढ़वा लिया। मैंने जब यह मुद्दा उठाया तो एक बार पीएमओ से फोन आया कि क्यों आप हमारी मुसीबतें बढ़ा रहे हैं?' 
'यूपी के स्कूलों में शिक्षा के अलावा सबकुछ होता है' 
वरुण गांधी ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने इस मुद्दे पर कदम उठाया। उन्होंने आगे कहा, 'अब सांसदों का वेतन केवल हाथ उठाने से नहीं बढ़ेगा, बल्कि संसदीय समिति तय करेगी।' देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए वरुण ने यूपी के स्कूलों का उदाहरण दिया। उन्होने कहा, 'यूपी के स्कूलों में शिक्षा के अलावा सभी कार्यक्रम होते हैं। धार्मिक और शादी के कार्यक्रम होते हैं, अंतिम संस्कार के बाद की क्रिया वहीं पूरी की जाती है। बच्चे क्रिकेट खेलते हैं और नेता स्कूलों में भाषण देने आते हैं।' वरुण ने आगे कहा, 'हर साल शिक्षा पर कहने के तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन 89 फीसदी पैसा भवनों पर खर्च होता है, जिसे शिक्षा नहीं कह सकते। आज देश में साढ़े पांच लाख शिक्षकों की कमी है, जिसे देश के सभी पोस्ट ग्रैजुएट एक साल मुफ्त पढ़ाकर एक झटके में पूरा कर सकते हैं। आज देश में 40 फीसदी किसान ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं, जो गैरकानूनी है क्योंकि ऐसे किसानों को ना तो सरकार की कोई मदद मिलती है, ना ही ऋण मिलता है और ना फसल बर्बाद होने पर मुआवजा मिलता है।' 
'बिना पारदर्शिता के खत्म नहीं होगा भ्रष्टाचार' 
उन्होने कहा, 'पिछले 10 सालों में किसानों की फसलों पर लागत तीन गुना बढ़ी है, जिससे परेशान होकर विदर्भ के 17 हजार किसानों ने आत्महत्या की।' देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को लेकर वरुण ने कहा कि जब तक पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक इस पर रोक नहीं लग सकती। उन्होंने देश में बढ़ते प्रदूषण को भी खतरनाक बताया और कहा कि किसी को फूलों का गुलदस्ता देने की बजाय पौधा दें और उसे लगाएं। ताकि दोबारा मुलाकात पर वो पौधा पेड़ बनकर रिश्तों को मजबूती दे।

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