Latest News

23 Oct 2018

पेटीएम फाउंडर विजय शेखर शर्मा की सेक्रटरी ब्लैकमेल में हुई अरेस्ट : नोएडा

नोएडा। ऑनलाइन पेमेंट वॉलिट कंपनी पेटीएम के कुछ कर्मचारियों ने ही कंपनी के फाउंडर, CEO विजय शेखर शर्मा के कंप्यूटर का डेटा चुरा लिया। डेटा लीक न करने की एवज में 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। मामला पुलिस तक पहुंचा तो CEO की सेक्रटरी समेत 3 लोग गिरफ्तार कर लिए गए। बताया गया कि शेखर की सेक्रटरी सोनिया धवन ने ही डेटा चुराकर कोलकाता भेजा, जहां से पैसों की मांग शुरू हुई। सोनिया धवन 10 सालों तक कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। कंपनी के इन खास कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण डेटा चुराने के बाद कोलकाता के रोहित को सारी जानकारियां दे दीं। बाद में रोहित ने ही विजय शेखर को फोन कर ये डेटा लीक न करने के एवज में 10 करोड़ रुपये मांगे। पैसों को एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए रोहित ने विजय को बैंक अकाउंट नंबर और आईएफसी कोड भी बताया। डेटा के बदले पैसे की मांग करने वाले ने रोहित ने एहतियात बरतते हुए पहले थाइलैंड के नंबर से फोन किया फिर विश्वास हो जाने के बाद विजय शेखर को वॉट्सऐप कॉल की। विजय ने फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली और पूरे सबूत पुलिस को दे दिए। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पेटीएम में काम करने वाले दो कर्मचारियों और एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर लिया है।एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि पेटीएम के सीईओ विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई थी कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने डेटा चोरी किया है और वे उसे सार्वजनिक न करने के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। इसकी जांच की गई उसके बाद इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी।
विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा कि उनकी कंपनी में सोनिया धवन और देवेंद्र कुमार काम करते हैं। सोनिया के पति का नाम रूपक जैन है। वह नोएडा में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनिया धवन विजय शेखर की निजी सचिव के रूप में कंपनी में काम करती थीं। सोनिया, रूपक और देवेंद्र कुमार ने ही साजिश करके विजय के निजी कम्प्यूटर से तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी कर लीं। डेटा चोरी करने के बाद इन लोगों को कोई ऐसा आदमी चाहिए था जो इनसे पैसे निकाल सके। इसके लिए कोलकाता में रोहित चोमल को खोजा गया। उसके बाद देवेंद्र ने कोलकाता जाकर रोहित को डेटा दिया।डेटा मिल जाने के बाद 10 सितंबर 2018 को रोहित चोमल ने विजय शेखर को फोन किया। एक बार फोन करने के बाद फिर उन्हें वॉट्सऐप कॉल की। पहले 10 करोड़ रुपये मांगे। रोहित ने इन पैसों को बैंक में जमा कराने के लिए आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर भी दिया। पुलिस को दी शिकायत में अजय शेखर ने बताया कि 10 अक्टूबर को पहले 67 रुपये और फिर 15 अक्टूबर को 2 लाख रुपये इस खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए। पैसे ट्रांसफर हो जाने के बाद रोहित ने फिर 10 करोड़ रुपये की मांग शुरू कर दी। जब रोहित ने फिर से पैसे जमा करने के लिए प्रेशर बनाना शुरू किया तो उसके बाद अजय शेखर ने पुलिस में शिकायत कर दी। 
अजय शेखर ने बताया कि रोहित ने जो बैंक खाता दिया था, उसको चेक करने के लिए पहले उस खाते में 67 रुपये जमा किए गए। जब ये पैसे सही खाते में जमा होने के बारे में पता चल गया, उसके बाद दो लाख और जमा किए गए। पेटीएम साल 2012 में अस्तित्व में आई। आज 7 मिलियन लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद अधिकतर लोग मोबाइल ऐप के जरिये इसी ई-वॉलिट से भुगतान कर रहे थे। साल 2017 में कंपनी का करोड़ों का कारोबार रहा है। 
कोलकाता में मौजूद रोहित ने ही खोली पोल 
अजय शेखर ने बताया कि ब्लैकमेल करने वाले रोहित को पैसे देने के बाद नोएडा पुलिस को जानकारी दी गई। शुरुआती पड़ताल में रोहित ने ही बता दिया कि उन्हें ब्लैकमेल करने में विजय शेखर की निजी सचिव सोनिया और ऐडिमन का एक पुराना कर्मचारी शामिल है। इसके बाद छानबीन में पता चला कि सोनिया, उसका पति रूपक और कंपनी का ऐडमिन देवेंद्र तीनों मिलकर रोहित के साथ इस साजिश में शामिल हैं। डेटा के बदले पैसे की मांग करने वाले ने रोहित ने एहतियात बरतते हुए पहले थाइलैंड के नंबर से फोन किया फिर विश्वास हो जाने के बाद विजय शेखर को वॉट्सऐप कॉल की। विजय ने फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली और पूरे सबूत पुलिस को दे दिए। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पेटीएम में काम करने वाले दो कर्मचारियों और एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर लिया है।एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि पेटीएम के सीईओ विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई थी कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने डेटा चोरी किया है और वे उसे सार्वजनिक न करने के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। इसकी जांच की गई उसके बाद इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी।

No comments:

Post a Comment