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23 Oct 2018

खून सने पैड वाले बयान की निंदा के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने दी सफाई : सबरीमाला मामला

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने सबरीमाला मंदिर के संबंध दिए अपने बयान पर सफाई दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'क्योंकि सबरीमाला के संबंध में मेरे बयान पर चर्चा हो रही है। ऐसे में मैं अपने कॉमेंट पर कॉमेंट करना चाहूंगी। एक हिंदू होने के नाते और एक पारसी से शादी करने की वजह से मुझे अग्नि मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं है।' स्मृति इरानी ने कहा, 'मैं पारसी समुदाय और उनके पुजारियों का सम्मान करती हूं और दो पारसी बच्चों की मां होने नाते वहां पूजा करने के अधिकार के लिए किसी कोर्ट के दरवाजे पर नहीं गई। इसी तरह मासिकधर्म वाली पारसी या गैरपारसी महिलाएं किसी भी अग्नि मंदिर में प्रवेश नहीं करती हैं।' उन्होंने कहा, 'ये दो तथ्यात्मक बयान हैं।' बता दें कि केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा था, 'उन्हें मंदिर में पूजा करने का अधिकार है लेकिन अपवित्र करने का नहीं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने रजस्वला आयु वर्ग (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दी थी। आदेश के बावजूद इस बार किसी रजस्वला आयु वर्ग की महिला को प्रवेश नहीं मिल सका।' केरल के सबरीमाला मंदिर के पट सोमवार को मासिक पूजा के बाद बंद भी हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'मुझे पूजा करने का अधिकार है लेकिन अपवित्र करने का नहीं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं केंद्रीय मंत्री हूं इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकती हूं लेकिन क्या आप माहवारी के खून से सने सैनिटरी नैपकिन को लेकर अपने दोस्त के घर जाएंगी? तो आप भगवान के घर पर उसे लेकर क्यों जाना चाहती हैं।' हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। 

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