Latest News

21 Oct 2018

जोड़ा फाटक के पास दशहरे के दिन हुए हादसे में ट्रेन के ड्राइवर ने दिया अपना बयान : अमृतसर हादसा

अमृतसर। अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास दशहरे के दिन हुए हादसे में ट्रेन के ड्राइवर ने अपना बयान दिया है। जिस ट्रेन से हादसा हुअा, उसे अरविंद कुमार चला रहे थे। अरविंद ने हादसे वाले दिन ट्रेन का चार्ज लेने से लेकर हादसे के बाद का पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद उनकी ट्रेन रूकने की स्थिति में आ गई थी, लेकिन अचानक लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में ट्रेन में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्राइवर ने वहां ट्रेन नहीं रोकी।अरविंद ने बताया, 'मैंने 19 अक्टूबर को शाम 5 बजे ट्रेन नंबर डीपीसी 11091 का चार्ज लिया और जालंधर के प्लैटफॉर्म 1 से 5:10 पर लेकर चला। शाम 6:44 बजे मानांवाला पहुंचकर 6:46 बजे येलो सिग्नल और ग्रीन सिग्नल मिलने पर अमृतसर के लिए चला। मानांवाला और अमृतसर के बीच गेट सं. 28 का डिस्टेंट और गेट सिग्नल ग्रीन पास किया। इसके बाद गेट सं. 27 के अंतराल और दोनों गेट सिग्नल को डबल येलो में लगातार हॉर्न बजाते हुए पास किया।' 
घटनास्थल के करीब पहुंचने पर अरविंद बताते हैं, 'जैसे ही गाड़ी केएम-नं. 508/11 के आसपास पहुंची तो सामने से गाड़ी सं. 13006 डीएन आ रही थी। अचानक लोगों का हुजूम ट्रैक के पास दिखाई दिया तो मैंने तुरंत हॉर्न बजाते हुए इमर्जेंसी ब्रेक लगा दिया। इमर्जेंसी ब्रेक लगाने पर भी मेरी गाड़ी की चपेट में कई लोग आ गए। गाड़ी की स्पीड लगभग रुकने के करीब थी तो बड़ी संख्या में लोगों ने मेरी गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया। मैंने मेरी गाड़ी में बैठी सवारियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन को आगे बढ़ाया और होम सिग्नल की स्थिति में अमृतसर स्टेशन पर आ गया। इसकी सूचना मैंने सभी संबंधित अधिकारियों को भी दे दी।'बता दें कि इससे पहले अमृतसर के पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने कहा कि 20 जगहों पर कार्यक्रम की इजाजत दी गई थी। पुलिस ने यह इजाजत शर्त के साथ दी थी, इसमें धोबी घाट इलाके की परमीशन भी थी। श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने एक निश्चित इलाके के लिए अनुमति दी थी, अब जाहिर तौर पर यह परमीशन ट्रैक पर जाने के लिए तो नहीं थी। खामियों की जांच की जा रही है।' 
बता दें कि अमृतसर में शुक्रवार को दशहरा मेले के दौरान हुए ट्रेन हादसे में 61 लोग मारे गए हैं और 72 लोग घायल हुए हैं। हादसा शहर के जोड़ा फाटक इलाके में हुआ, जहां लोग रावणदहन देखने के लिए इकट्ठा हुए थे। दरअसल, जिस जगह रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था, उसी के नजदीक 25 मीटर की दूरी पर रेल की पटरी है। वहां सैकड़ों की भीड़ जमा थी और रावण के पुतले में आग लगने के बाद पटाखे चल रहे थे। पटाखे तेज आवाज के साथ इधर-उधर फूटने लगे तो लोगों में भगदड़ मच गई और वे ट्रैक की तरफ भागे। ठीक उसी वक्त काल बनकर तेज गति से आ रही ट्रेन वहां से गुजरी और लोगों को अपने चपेट में लेती गई। 

No comments:

Post a Comment